जनसुनवाई में दिव्यांगों की बात सुनते कलेक्टर इलैया राजा टी और सुचिता तिर्की।
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आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए इंदौर जिला प्रशासन एक ऐसी योजना चला रहा है, जो न सिर्फ लोगों को जीवन में खुशियां बिखेर रही है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भी बना रही है। इसके तहत दिव्यांगों को एक लाख रुपए तक की स्कूटी मुफ्त दी जा रही है। मंगलवार को भी कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने 57 रेट्रोफिटिंग स्कूटी स्वीकृत की।
कलेक्टर ने जनसुनवाई की अवधारणा को सार्थक रूप देते हुए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुन उनका निष्पादन किया। सर्वप्रथम उन्होंने दिव्यांगजनों के बीच पहुंचकर प्रत्येक दिव्यांग के आवेदन को व्यक्तिगत रूप से देखकर उनकी समस्याओं का निराकरण किया। उन्होंने दिव्यांगों को शिक्षण, रोजगार आदि के लिए 57 रेट्रोफिटिंग स्कूटी स्वीकृत की। उन्होंने दो दिव्यांगजनों को नॉर्मल टू व्हीलर स्कूटी की मंजूरी भी प्रदान की।
कैसे करें योजना के लिए आवेदन
एक लाख रुपए की स्कूटी फ्री में लेने वाली इस योजना के लिए आवेदन करना बहुत आसान है। इंदौर कलेक्टर कार्यालय स्थित सामाजिक न्याय विभाग में इसके लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा कलेक्टर की हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में भी आप सादे कागज में स्कूटी की मांग को लिखकर आवेदन कर सकते हैं। यहां कलेक्टर आवेदन खुद ही लेकर पात्रता अनुसार स्कूटी देने के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी कर देते हैं। इसके बाद आवेदक को अगले कुछ ही दिनों में स्कूटी के लिए फोन करके बुला लेते हैं और स्कूटी प्रदान कर देते हैं।
क्या है पूरी योजना
यह योजना फिलहाल इंदौर जिला प्रशासन द्वारा ही चलाई जा रही है। दरअसल इंदौर कलेक्टर इलैया राजा टी. ने लोगों की समस्याओं को देखते हुए यह योजना शुरू की थी। जो आज चल निकली है। स्कूटी वितरण करने की पूरी योजना इंदौर शहर के दानदाताओं की मदद से चलाई जा रही हैं। इंदौर जिला प्रशासन रेडक्रॉस सोसाइटी के फंड से योजना को संचालित कर रहा हैं। इसके लिए सामाजिक न्याय विभाग को पूरी जिम्मेदारी दी गई है।
क्या दस्तावेज जरूरी हैं
एक लाख रुपए की स्कूटी पाने की इस योजना में कोई खास दस्तावेजों की जरूरत नहीं हैं। सामाजिक न्याय विभाग की संयुक्त संचालक सुचिता तिर्की बेक ने योजना के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि योजना के लिए इंदौर का मूल निवासी होना जरूरी है। इसके साथ ही आवेदक के पास आधार कार्ड, समग्र आईडी और दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि यह योजना विशेष रूप से दिव्यांग लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ही चलाई जा रही है। स्कूटी की कीमत 86 हजार रुपए है और 13 हजार रुपए का उसमें काम करवाया जाता है। लगभग एक लाख रुपए तक की एक स्कूटी पड़ती है। हमारा प्रयास है हम जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें औऱ उन्हें आत्मनिर्भर बना सकें।