देश में आज स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए प्राथमिकता से ध्यान दिया जा रहा है और इस काम में प्राइवेट मेडिकल कंपनियां भी कई स्तर पर काम कर रही हैं। एक कॉर्पोरेट इवेंट के सिलसिले में इंदौर पहुंची दर्शिका खरे ने इस विषय पर अमर उजाला से बातचीत की। दर्शिका जॉनसन एंड जॉनसन में इंडिया और साउथ एशिया फार्मास्युटिकल्स की हेड एचआर हैं।
दर्शिका खरे कहती हैं कि यदि हमें हर भारतीय को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना हैं तो इसके लिए सरकार और प्राइवेट मेडिकल कंपनियों को एक मंच पर आना होगा। उन्होंने कहा कि कई विषयों पर आज प्राइवेट कंपनियां और सरकार मिलकर काम कर रहे हैं और इसी तरह एक दूसरे का साथ देकर ही हम पूरे भारत को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कवर कर पाएंगे।
फर्स्ट एड और सीपीआर जैसी ट्रेनिंग हर नागरिक को दी जाना चाहिए
इसके साथ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि फर्स्ट एड और सीपीआर जैसी ट्रेनिंग हर गांव, शहर में हर व्यक्ति को दी जानी चाहिए। इससे समय, पैसों का बचाव होगा और मरीज के गंभीर होने की संभावनाएं भी कम होती जाएंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दर्शिका का मानना है कि इससे मेडिकल इंडस्ट्री को बहुत फायदा हुआ है लेकिन इंसान का काम हमेशा इंसान ही करता रहेगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य की बुद्धि की जगह कभी भी रोबोट की बुद्धि नहीं ले सकती।