फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: मौसम में उतार-चढ़ाव, इंदौर में बढ़े बुखार,सर्दी जुकाम के रोगी

Thu, 09 Mar 2023 06:58 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

आमतौर पर मौसमी बुखार का इलाज कराने पर वह पांच-सात दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इस बार सर्दी-जुकाम, बुखार ने लोगों को १५-२० दिन तक जकड़ रखा है। इस बारे में ख्यात छाती रोग विशेषज्ञ रवि डोसी का कहना है कि यह सही बात है कि इस तरह के रोगी इस बार बढ़े है।
विज्ञापन
मौसम में बदलाव की वजह से शहर मेें वायरल फीवर के रोगी बढ़े। - फोटो : amar ujala digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर में दो-तीन दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव है। कभी गर्मी,कभी तेज हवाएं तो कभी हल्की बारिश हो रही है। इस कारण शहर में सर्दी जुकाम, फीवर के रोगी तेजी से बढ़े है। डाक्टरों के क्लीनिकों पर भीड़ नजर आने लगी है। स्वास्थ्य विभाग भी मान रहा है कि मौसम में बदलाव की वजह से शहर में वायरल फीवर के रोगी बढ़े है।

विज्ञापन


कई लोग फीवर को कोरोना से जोड़कर भी देख रहे है,क्योकि कोरोना की दोनो लहर मार्च में ही शुरु हुई थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ बीएल सैत्या का कहना है कि मौसम जब भी बदलता है तो वायरल फीवर के रोगी ज्यादा हो जाते है। अभी भी शहर में ऐसा ही हो रहा है।

लंबा खींच रहा है बुखार, खासी
आमतौर पर मौसमी बुखार का इलाज कराने पर वह पांच-सात दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इस बार सर्दी-जुकाम, बुखार ने लोगों को 15-20 दिन तक जकड़ रखा है। इस बारे में ख्यात छाती रोग विशेषज्ञ रवि डोसी का कहना है कि यह सही बात है कि फीवर के रोगी बढ़े है। मैने अधिकांश केस ऐसे देखे है जिसमें फीवर के साथ बैक्टेरियल इन्फेंकशन भी हो रहा है।

एच इन्फ्लूएंजा, स्टेफाइलोकोकस ओरियस जैस बैक्टेरिया मरीजों के कल्चर में मिलते है।आवाज में बदलाव, लंबे समय तक खराश जैसे लक्षण देखने में आ रहे है। बदलते मौसम में सावधान रहने की जरुरत है।

विज्ञापन

17 कोरोना के रोगी है फिलहाल शहर में
शहर से कोरोना अभी तक पूरी तरह गया है। कुछ दिनों तक शहर में कोरोना के शून्य मरीज थे, लेकिन अब इक्का-दुक्का केस रोज मिल रहे है। फिलहाल शहर में कोरोना के 17 मरीज उपचाररत है। इंदौर में 24 मार्च 2020 को कोरोना का पहला मिला था। तब से लेकर अब तक दो लाख से ज्यादा मरीज कोरोना संक्रमित हो चुके है। सरकारी रिकार्ड में कोरोना की वजह से 1470 मौतेें हुई है,जबकि कोरोना की दूसरी लहर मेें कई मौतेें कोरोना की वजह से हुई और वह सरकारी रिकार्ड में दर्ज ही नहीं हो पाई।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें