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Exclusive: विकास के नाम पर हजारों पेड़ों की बलि, न रिकॉर्ड, न भरपाई, महापौर चला रहे क्लाइमेट मिशन

Tue, 10 Dec 2024 08:44 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: हरियाली के विनाश ने इंदौर को भूमिगत जल के खतरनाक स्तर तक ला दिया है, प्रदूषण बढ़ रहा है और तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 
 
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बिचौली हप्सी में पेड़ों की कटाई। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर में विकास के नाम पर हजारों पेड़ों की बलि ली जा रही है और इस वजह से शहर का प्राकृतिक संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया है। पिछले कुछ साल में इंदौर में हजारों पेड़ काटे गए लेकिन कभी भी नगर निगम ने पेड़ों की कटाई का कोई रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया। मेट्रो, ब्रिज, बायपास से लेकर कई औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए हजारों पेड़ों की बलि ली गई लेकिन रिकॉर्ड मांगने पर नगर निगम ने कभी भी जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई। अमर उजाला ने लगातार पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाया और जनता को बताया कि किस तरह से शहर की हरियाली को खत्म किया जा रहा है। एमओजी लाइन और मल्हार आश्रम में नगर निगम ने रातों रात सैकड़ों पेड़ काट दिए और एक भी पेड़ की कटाई को नहीं स्वीकारा। मौके पर कटे पेड़ों की जानकारी निगम को देने के बाद भी अधिकारियों ने पेड़ों की कटाई की बात स्वीकार नहीं की। ठीक इसी तरह का दृश्य अब इंदौर देवास रोड और बिचौली हप्सी रोड पर दिखाई दे रहा है। 
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बीआरटीएस पर कटे सैकड़ों पेड़, नए ब्रिज छीन रहे शहर की हरियाली

एक सप्ताह में सैकड़ों पेड़ काटे
नगर निगम की टीम ने इंदौर देवास रोड और बिचौली हप्सी रोड पर एक सप्ताह के अंदर सैकड़ों पेड़ों की कटाई की है। सड़क पर आने जानों के लिए भी पेड़ों की कटाई चर्चा का विषय बन रहा है। बताया जा रहा है कि देवास नाका पर ब्रिज के लिए और बिचौली हप्सी में सड़क के लिए पेड़ों की कटाई की गई है। दोनों ही जगह में बड़ी संख्या में पुराने पेड़ कटे पड़े हैं। 
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इस बार भी नहीं दी जानकारी
अमर उजाला ने जब पेड़ों की कटाई के विषय में जानकारी लेने के लिए नगर निगम में संपर्क किया तो इस बार भी वही हुआ जो हर बार होता है। सबसे पहले उद्यान विभाग के प्रभारी जितेंद्र जमींदार को फोन लगाया गया। उन्होंने कहा कि वह अभी ये विभाग नहीं देख रहे हैं। उनके असिस्टेंट चेतन पाटिल से संपर्क किया जाए। कई बार चेतन पाटिल को फोन किया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर को फोन किए तो उन्होंने भी कोई जबाव नहीं दिया। नगर निगम कंट्रोल रूम से बताया गया कि इन तीन अधिकारियों के पास ही पेड़ों की कटाई की जानकारी रहती है और तीनों ने ही जबाव नहीं दिए। 
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महापौर चला रहे क्लाइमेट मिशन
शहर में पेड़ों की लगातार कटाई हो रही है और महापौर पुष्यमित्र भार्गव क्लाइमेट मिशन चला रहे हैं। एक दिसंबर से शुरू हुए क्लाइमेट मिशन में 100 दिन तक अभियान चलाया जाएगा। इसमें इंदौर के लोगों से जलवायु परिवर्तन पर चौपाल लगाकर सामूहिक चर्चा की जा रही है और समाधानों पर बात हो रही है। 
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