इंजीनियरिंग कालेज एसजीएसआइटीएस की स्टूडेंट ने होस्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने अंग्रेजी विषय में कमजोर होने की वजह से फांसी लगाने की बात लिखी है। छात्रा इंदौर के कॉलेज में बीई फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसे कई विषयों में एटीकेटी आई थी।
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स्टूडेंट का नाम दीप्ति मंडलोई 19 वर्ष है। वह गुरुवार दोपहर उठी तो अपनी दोनों रूममेट्स से तबीयत ठीक नहीं होने की बात कही। इसके बाद उसने दोनों को कॉलेज जाने से इनकार कर दिया। जब दोनों रूममेट्स कॉलेज चलीं गई तो उसने कमरे में फांसी लगा ली। जब उसकी रूममेट्स वापस आई तो वह फंदे पर लटकी मिली। दीप्ति मूल रूप से खरगोन के गोगावां की रहने वाली थी।
तुकोगंज टीआई कमलेश शर्मा के मुताबिक छात्रा के पास सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने पांच विषय में रिजल्ट बिगड़ने के कारण जान देने की बात लिखी है। पुलिस के मुताबिक अभी सुसाइड नोट को लेकर जांच की जा रही है। परिवार के इंदौर आने के बाद उसका पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। सुसाइड नोट दीप्ति में ने अपनी सहेली को मोबाइल उसके पिताजी को देने के लिए लिखा है।
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सुसाइड नोट में यह लिखा
मैं 12वीं क्लास तक हिंदी मीडियम में पढ़ी हूं। मेरे मामा ने परिवार से आगे भी मुझे हिंदी मीडियम से ही पढ़ाने के लिए कहा लेकिन पिताजी ने मेरा बीई में एडमिशन करा दिया। इसके बाद कॉलेज में मुझे कई बार इंग्लिश समझ में नहीं आती थी। इसके कारण मुझे हंसी का पात्र बनना पड़ता था। मुझे कई तरह की दिक्कतें इसे लेकर आ रही थी। इसके चलते ही मेरा पांच सब्जेक्ट में उसका रिजल्ट भी बिगड़ा था।