भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़े भंवर सिंह शेखावत ने बदनावर सीट से उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव को हरा दिया। शेखावत ने कहा कि उन्हें अपनी जीत पर तो भरोसा था, लेकिन कांग्रेस को इतनी कम सीटें मिलने की उम्मीद नहीं थी। शेखावत ने चर्चा में कहा कि इतनी ज्यादा सीटें भाजपा को मिलना लोकतंत्र में दुर्घटना के समान है। इस पर मंथन जरूरी है। जनता को सोचना चाहिए कि मजबूत विपक्ष भी लोकतंत्र में जरूरी होता है, ताकि सत्ता पाने वाले निरंकुश न हो जाएं।
पूर्व भाजपा नेता व अब कांग्रेस विधायक शेखावत ने कहा कि सीटें कम ज्यादा हर पार्टी की होती रही हैं। जब हम जनसंघ में हुआ करते थे तो 25-30 सीटें बड़ी मुश्किल से आ पाती थीं। कई बार इस तरह के हालात बन जाते हैं, लेकिन लोकतंत्र में दूसरा इंजन न रहे तो लोकतंत्र पर खतरा बढ़ जाएगा। जनता को भी समझना चाहिए कि यदि विपक्ष के रूप में कोई चौकीदार नहीं होता तो फिर जीतने वाले राजनीतिक दल अपनी मनमानी करेंगे। भ्रष्टचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
बदनावर सीट से खुद की जीत के बारे में शेखावत ने कहा कि राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव ने छवि जनता के बीच खराब हो चुकी है। उन्होंने अपने आसपास अहंकार का पिरामिड बना लिया। क्षेत्र में उनका आतंक था। हमने सिर्फ उनका आतंक खत्म किया और जनता को स्वतंत्र माहौल दिया।
संबंधों का फायदा लेकर करेंगे विकास
शेखावत ने क्षेत्र के विकास के बारे में कहा कि वे सालों तक भाजपा में रहे हैं। उस पार्टी के नेतागणों से भी उनके संबंध हैं। अधिकारीवर्ग भी मुझे जानता है। क्षेत्र के काम कराने में कोई परेशानी नहीं होने देंगे। शेखावत ने कहा कि भाजपा का माइक्रो मैनेजमेंट हर जगह काम नहीं करता। भाजपा को क्या साउथ में माइक्रो मैनेजमेंट करने से किसी ने रोका? लेकिन वहां जीत नहीं पाती है। ईवीएम के सवाल पर उन्होंने कहा कि ईवीएम को दूसरे देश नहीं अपना रहे हैं, क्योंकि जो मशीनें मनुष्य ने बनाई है। उसमें गड़बड़ हो सकती है।