आवाज ग्रुप ने हर साल की तरह इस बार भी सामाजिक सरोकारों और इंसानी रिश्तों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ईद मिलन समारोह रखा, जिसका ध्येय वाक्य था "कुछ और नहीं इंसान हैं हम"। इसमें शहर के प्रबुद्धजन ने कई विषयों पर विचार रखे और शहर की प्रमुख सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया।
धर्म और स्वास्थ्य में सीधा संबंध
इस विषय पर बोलते हुए मुख्य वक्ता योगाचार्य डॉ शिव प्रकाश सिंह बघेल ने कहा कि मनुष्य के पास पांच इंद्रिया हैं, जो इंसान को सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ठ बनाती हैं। उन्होंने कहा कि पहला सुख निरोगी काया है, हमें इस शरीर का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुबह मस्जिदों से अजान की आवाज आती है, मंदिरों से घंटियों की आवाज आती है इससे माहौल में पॉजिटिव एनर्जी आती है, इसीलिए सुबह उठने वाले आपने काम को बेहतर अंदाज में करते हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह रोजा रखने से संयम आता है और हमारा शरीर भी स्वस्थ रहता है। आखिर में उन्होंने योग की उपयोगिता भी बताई। साथ ही बताया कि टेंशन की वजह से ही इंसान नफरत और लड़ाई करता है इसलिए आपसी सौहार्द के लिए योग जरूरी है।
देश छोड़ रही युवा पीढ़ी पर ध्यान दें
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ सोनाली नरगुंदे ने मीडिया की नजर में इंसान को लेकर विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि आज मीडिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं लेकिन उसकी अपनी व्यावसायिक मजबूरी होती है, हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम पॉजिटिव रहें। उन्होंने कहा कि जो जहां जन्मता है, वहीं पर मरना चाहता है। हमने एक सीमा रेखा बांध ली है। हमें मीडिया के पॉजिटिव कामों पर भी ध्यान देना चाहिए। कहा कि अगली पीढ़ी सिर्फ पैकेज का सोचती है। समाज, परिवार देश के बारे में नहीं सोचती। युवा आज पैकेज के लिए परिवार समाज देश को छोड़कर चले जा रहे हैं हमें इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
अपने अंदर की आवाज को सुनें
अध्यक्षीय संबोधन में वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ दिग्पाल धारकर ने कहा कि जब हम सभी मजहबों के लोगों एक साथ मिलजुल कर रहते हैं तो इसका अर्थ यही है कि हम इंसान हैं। उन्होंने अपना अनुभव बताया कि अपने अंदर की आवाज बुलंद हो तो हम बड़ी से बड़ी मुश्किल का सामना कर सकते हैं। इसी तरह उन्होंने अपने चिकित्सकीय अनुभव के कई उदाहरण देते हुए कहा कि अपने अंदर से आने वाली आवा को सुनना चाहिए। आखिर में उन्होंने कहा कि हमें अपनी जिंदगी का इस्तेमाल करना चाहिए कि हम बेहतर इंसान बन सकें।
कई संस्थाओं को किया सम्मानित
इंसानियत की खिदमत करने वाले सैफी फाउंडेशन बड़वानी के जोएब अली, बस्ती फाउंडेशन की मारुति जायसवाल, समाजसेवी डॉ भाग्यश्री खरखड़िया, खिदमत ए खल्क सोसायटी के मेहबूब खान, बर्फानी धाम से डॉ पुरुषोत्तम यादव को आवाज अवार्ड से सम्मान किया गया। कार्यक्रम में डॉ जफर पठान ने सारांश प्रस्तुत किया। रिजवान खान, मुश्ताक भाई, आदिल सईद, मुर्तजा भाई ने अतिथि परिचय दिया और आभार सय्यद निजाम अली ने माना। कार्यक्रम का संचालन शब्बीर हुसैन ने किया।