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Indore: 200 लोगों की जान लेने वाले गणपति घाट के बायपास का निर्माण शुरू, साल भर मेें होगा निर्माण

Sun, 18 Jun 2023 01:37 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

 9 किमी लंबा बायपास का काम शुरू हो चुका है। फिलहाल बेस तैयार किया जा रहा है। यह बायपास घाट से ढाई किमी दूर गांव ढाल से नीमगढ़ तक बनाया जा रहा है। अब घाट सेे सिर्फ मुबंई से इंदौर की तरफ आने वाले वाहन आ सकेंगे। 
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गणपति घाट के बायपस का निर्माण शुरू। - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण हाइवे मुबंई आगरा रोड और इंदौर इच्छापुर रोड पर ब्लैक स्पॉट को खत्म करने की कवायद शुरू हो गई है। एबी रोड के गणपति घाट पर दस सालों में 200 से ज्यादा मौत सड़क हादसों में हो चुकी है। अब घाट के बायपास के निर्माण का काम शुरू हो गया है। 9 किलोमीटर लंबे बायपास के बनने में सालभर का समय लगेगा।

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बायपास के निर्माण के लिए एनएचएआई के अफसरों ने सात साल पहले योजना बनाई थी। वन विभाग की मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू हुआ है। विभाग ने बायपास के लिए 33 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई है।

9 किमी लंबे बायपास का काम शुरू हो चुका है। फिलहाल बेस तैयार किया जा रहा है। यह बायपास घाट से ढाई किमी दूर गांव ढाल से नीमगढ़ तक बनाया जा रहा है। अब घाट सेे सिर्फ मुबंई से इंदौर की तरफ आने वाले वाहन आ सकेंगे।

नया बायपास गांव ढाल-पलासमाल, नीमगढ़ तक 9 किलोमीटर लंबाई मेें बनेगा। सड़क की चौड़ाई 30 मीटर रहेगी। बायपास ढाल-पलासमाल, भैंसाखुर्द, बाकानेर घाट से होकर कुसुंबिया गांव के पास हाइवे पर फिर मिल जाएगा। अफसर कोशिश कर रहे है कि इस बायपास में ढलान ज्याद न हो।

70 तक हो जाती है स्पीड

15साल पहले इंदौर-खलघाट तक फोरलेन का निर्माण किया गया था। गणपति घाट पर चाल किलोमीटर के हिस्से में खड़े ढलान की वजह से हादसे होते थे। हादसों की वजह जानने के लिए एक रिपोर्ट तैयार हुई थी। जिसमें नए बायपास के निर्माण की जरुरत बताई गई थी। घाट का ढलान इतना ज्यादा है कि चार किलोमीटर के हिस्से में बंद वाहन की स्पीड भी खड़े ढलान के कारण 70 तक पहुंच जाती है।

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गणपति घाट पर ज्यादातर वे वाहन हादसों का शिकार होते है, जिनमें ऐसा सामान भरा हो जो ढलान पर वाहन के आगे के हिस्से में लोड बढ़ा देता है। लिक्विंड ले जाने वाले टैंकर, फर्शियों से भरे ट्रक ढलान पर तेज गति से चलते है और वाहन चालक ब्रेक लगाने की कोशिश करता है तो उसके ब्रेक फेल हो जाते है।

 

गणपति घाट पर 15 साल में 200 से ज्यादा लोगों की हादसों में मौत हो चुकी है। गणपति घाट पर सड़क निर्माण केे दौरान सही ढलान देने में अफसरों ने गलती कर दी। जिसकी कीमत 200 से ज्यादा लोगों को जान देकर चुकाना पड़ी।घाट पर होने वाले वाहन हादसों में वाहन में आग भी लग जाती है,क्योकि हादसे के बाद वाहन नहीं रुकते और सड़क पर घर्षण के कारण वाहनों में आग लग जाती है।

 

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