फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: कलेक्टर के पास खाली हाथ आए दृष्टिहीन दंपत्ति, मकान मालिक बनकर लौटे

Tue, 18 Apr 2023 06:27 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

दो दिव्यांग परिवारों को दिया जीने का नया सहारा, एक अन्य दिव्यांग महिला को भरण-पोषण के लिए स्वीकृत की तीन पहिया
विज्ञापन
Indore News - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में दो दृष्टिहीन दंपत्ति कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी के पास पहुंचे और उन्हें अपनी परेशानियां बताई। इस पर कलेक्टर ने दोनों ही परिवारों को तुरंत मकान दिलवाए और अधिकारियों को आदेश दिया की इनके जीवन के लिए जरूरी सामान भी मुहैया करवाया जाए। जनसुनवाई में वे आए तो खाली हाथ थे, गए तो मकान मालिक बनकर। कलेक्टर ने उन्हें हाथो हाथ आवंटन पत्र भी सौंपा और निर्देश दिए की नए मकान में किराना, बर्तन, कुर्सी आदि जरूरत के सामान भी तुरंत रखें जाएं। इसी तरह एक अन्य दिव्यांग महिला को भरण-पोषण के लिए तीन पहिया मोटोराइज्ड वाहन स्वीकृत किया गया।  
विज्ञापन

     
शहर में हर मंगलवार की तरह इस मंगलवार भी कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित हुई। जनसुनवाई में आज दृष्टिहीन दिव्यांग दंपत्ति रोहित लोधी- पूजा आए। उन्होंने कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी को अपनी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि वे अगरबत्ती बेचकर अपना गुजर बसर कर रहे हैं। आमदनी भी बहुत कम है। किराया भी तीन हजार रुपए प्रति माह भरना पड़ रहा है। रहने की बहुत समस्या है। कलेक्टर ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुनकर निर्देश दिए कि इन्हें तुरंत वन-बी-एच-के का फ्लेट आवंटित किया जाए। जनसुनवाई में मौजूद नगर निगम के अधिकारियों ने औपचारिकताएं पूर्ण कर तुरंत ही आवंटन पत्र तैयार कर दिया। इन्हें नीलगिरी कॉम्पलेक्स सनावदिया में फ्लेट दिया गया है।
    
इसी तरह एक और दृष्टिहीन दंपत्ति रमेश सेन और उनकी नेत्रहीन पत्नी को भी सतपुड़ा परिसर बुढ़ानिया में फ्लेट आवंटित किया गया। इन्हें पूर्व में अन्य जगह पर फ्लेट आवंटित किया गया था, लेकिन उन्हें आने जाने में दिक्कत के कारण उक्त स्थान पर फ्लेट दिया गया। नए स्थान पर फ्लेट मिलने से उक्त दंपत्ति अब बेहद खुश हैं। रमेश सेन का कहना है कि मैं मालिश कर अपना परिवार का भरण-पोषण करता हूं। घर-घर जाकर मालिश का कार्य करता हूं। अब उचित जगह पर फ्लेट मिलने से मुझे आने जाने में आसानी होगी। कलेक्टर ने उक्त दोनों दंपत्तियों को मकान के आवंटन पत्र सौंपे तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन दोनों दंपत्तियों के लिए किराना, बर्तन, कुर्सी आदि जरूरत के सामान तुरंत नए फ्लेट में रखवाएं, जिससे कि उन्हें गृहस्थी जमाने में दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।
विज्ञापन


दिव्यांग महिला को घर चलाने के लिए पहिया मोटोराइज्ड वाहन स्वीकृत किया
इसी तरह एक अन्य दिव्यांग महिला पूजा जैन भी जनसुनवाई में आई। उसने बताया कि मैं एक पैर से दिव्यांग हूं। मुझे चलने-फिरने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कोरोना काल में मेरे पति का निधन भी हो चुका है। छोटी-छोटी मेरी तीन बालिकाएं हैं, बुजुर्ग सास-ससुर भी मेरे साथ रहते हैं। परिवार के भरण-पोषण के लिए मैं घरों में जाकर खाना बनाने का कार्य करती हूं। घरों में जाने के लिए मुझे बहुत परेशानी होती है। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने गंभीरता से इस समस्या का निराकरण करते हुए तुरंत ही तीन पहिया मोटोराइज्ड वाहन स्वीकृत किया। औपचारिकताएं पूर्ण कर शीघ्र ही वाहन दे दिया जाएगा।
    
इसी तरह जनसुनवाई में आज तात्कालिक सहायता के रूप में आवेदक तरूणा संदीप सुगंधी को पांच हजार रुपए, ममता अहिरवार को दस हजार रुपए, गुंजा सिसोदिया को पांच हजार रुपए, ज्योति गौर को दस हजार रुपए, गरीमा सिंह को 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की कई। इसी तरह एक अन्य दिव्यांग दंपत्ति विजय जाटव और उनकी नेत्रहीन पत्नी शकुन जाटव को भी मकान स्वीकृत किया गया। इसके लिए आरंभिक राशि भरने हेतु रेडक्रास से एक लाख रुपए की मंजूरी दी गई। औपचारिकताएं पूर्ण कर इस दंपत्ति को भी फ्लेट शीघ्र आवंटित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें