बालक-बालिकाओं की गुमशुदगी के प्रकरणों में कमी लाने के लिए इंदौर पुलिस एवं आईआईएम द्वारा किया गया एमओयू, प्रकरणों में विस्तृत रूप से विश्लेषण कर कार्यप्रणाली को बेहतर बनाया जाएगा
इंदौर में चाइल्ड ट्रैफिकिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस की हालिया रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 के छह महीनों में 458 बच्चों का अपहरण हुआ है। तीन साल में 2418 बच्चों का अपहरण हुआ है जिसमें से 1945 सिर्फ लड़कियां हैं। हर महीने इंदौर से 60 से 70 बच्चों का अपहरण होता है। जिसमें 81 प्रतिशत सिर्फ लड़कियां हैं। मानव दुर्व्यापार संबंधी अपराधों की रोकथाम एवं बालक/बालिकाओं के गुमशुदा/अपहरण के प्रकरणों में पुलिस की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए इंदौर पुलिस ने आईआईएम इंदौर के साथ एक एमओयू किया है। इसके तहत मिलकर एक कार्ययोजना के तहत कार्य होगा। इस एमओयू का मुख्य मकसद चाइल्ड ट्रैफिकिंग को रोकना और बच्चों को सुरक्षित जीवन देना होगा। बुधवार को इसी विषय पर पलासिया कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर और आईआईएम इंदौर के निदेशक हिमांशु राय द्वारा एमओयू साइन किया गया।
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पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने इस मौके पर कहा कि वर्तमान परिदृश्य में विगत कुछ समय से मानव दुर्व्यापार संबंधी अपराधों एवं गुमशुदा के प्रकरणों में बढ़ोतरी हो रही है। इसमें भी ज्यादा संख्या लड़कियों की ही देखने में आ रही है। हालांकि इंदौर पुलिस द्वारा इसमें प्रभावी कार्यवाही कर इन गुमशुदा/अपहृत बालक बालिकाओं को तलाश भी किया जा रहा है लेकिन यह घर से क्यों जा रहे हैं और इनके पीछे क्या कारण हैं यह पता लगाना जरूरी है। इस पर पुलिस और बेहतर तरीके से कार्य कर सके इसके लिए ही आईआईएम इंदौर द्वारा पुलिस के साथ मिलकर इस संबंध में शोध किया जाएगा। शोध करने के उपरांत इसका क्रियान्वयन करने से कार्यप्रणाली में सुधार करने में सफलता प्राप्त होगी। इस शोध के लिए उन्होंने आईआईएम इंदौर एवं उनकी टीम को धन्यवाद दिया एवं कहा कि शोध में जो भी संसाधन, जानकारी चाही जाएगी, उन्हें उपलब्ध करवाने में हर संभव प्रयास किया जाएगा।
बच्चों के घर से जाने के कारण पता कर निदान तलाशेंगे
कार्यक्रम के अतिथि आईआईएम इंदौर के निर्देशक हिमांशु राय ने बताया कि वर्तमान समय में मानव तस्करी एवं गुमशुदा के प्रकरणों में बढ़ोतरी हो रही है और पुलिस इसमें अपने संसाधनों का बेहतर प्रयोग करते हुए कार्यवाही भी कर रही है। आईआईएम की टीम इन प्रकरणों में रिसर्च करेगी कि इनके घर से जाने या अपहरण के क्या आंतरिक और बाहरी कारण हैं और उनका हम किस प्रकार समाज हित में बेहतर निदान कर सकते हैं। उक्त विश्लेषण के आधार पर आईआईएम इंदौर द्वारा एक विस्तृत रिसर्च रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसके आधार पर पुलिस की कार्यप्रणाली में उसे शामिल करने हेतु एक मॉडल तैयार किया जाएगा।