इंदौर में अवैध नशे का कारोबार करने वालों के घर ढहा दिए।
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इंदौर में अवैध नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने मुहिम छेड़ रखी है। बार-बार पकड़े जाने के बाद भी जो लोग इस कारोबार को जारी रखते हैं। ऐसे लोगों के अवैध निर्माण प्रशासन तोड़ रहा है। आश्चर्य की बात है कि इस कारोबार में महिलाएं भी लिप्त है। इस मुहिम के तहत शुक्रवार को शहर की दो बस्तियों में अवैध मकान तोड़े गए। इसमें एक मकान बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाली महिला का भी है।
बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाली डिंपल पति रवि रायकवार को तीन बार अवैध नशा बेचने के आरोप में पुलिस पकड़ चुकी है। उसके बाणगंगा के मकान को शुक्रवार को तोड़ दिया गया। इसके अलावा भवानी नगर में रहने वाले महेश पिता गणेश परमार की अवैध मकान पर भी नगर निगम की गैंग ने हथौड़े चला दिए। दोनो ने नक्शा मंजूर कराए बगैर मकान बना लिए थे। सुबह जब मौके पर मकानों को तोड़ने टीम पहुंची तो रहवासियों ने सामान निकलने की मोहलत मांगी, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि हमारे अमले की मदद से सामान मकान के बाहर निकाल लो, आज ही अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। इसके बाद आधे घंटे में मकान जमींदोज कर दिए गए।
अब तक 30 से ज्यादा अवैध निर्माण तोड़े
शहर में नशे का अवैध कारोबार करने वाले और आतंक मचाने वाले 30 से ज्यादा लोगों के अवैध निर्माण तोड़े गए हैं। ज्यादातर अवैध नशा बाणगंगा, भागीरथपुरा, चंदन नगर क्षेत्र में बिकता है। जो गोलियां शासन ने प्रतिबंधित कर रखी हैं, उसे भी दूसरे राज्यों से मंगाकर बस्तियों में बेचा जाता है और शराब व अन्य मादक पदार्थों में उन दवाओं को मिलाकर सस्ता नशा किया जाता है।