शहर में कोरोना की रफ्तार तेज हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीते 24 घंटे में 319 नए मरीज मिले हैं। बीते तीन दिन में जितने मरीज मिले थे उतने एक ही दिन में आए हैं, जो चिंता का सबब है। हालांकि राहत की बात यह है कि इन मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं है। लगभग 90 प्रतिशत मरीज एसिम्प्टोमेटिक हैं।
दरअसल इंदौर में दिसंबर से कोरोना मरीजों के बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ था। नए साल में इसकी रफ्तार एकदम तेज हो गई। हालात ये है कि संख्या तीन अंकों में पहुंच गई है। मंगलवार रात को जारी बुलेटिन में 319 नए मरीज मिले हैं। एक की मौत भी हुई है। जो नए मरीज मिले हैं उनमें सर्वाधिक विजय नगर, महालक्ष्मी नगर, साकेत, श्रीनगर से लेकर बायपास की कॉलोनियों में रहने वाले हैं। इनमें करीब 10 से 15 मरीज ऐसे हैं जिनकी संख्या 18 वर्ष से कम हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बायपास क्षेत्र से लगे वार्ड 76 में सर्वाधिक 20 मरीज मिले हैं। विजय नगर में 13 मरीज, महालक्ष्मी नगर में 11 और साकेत श्रीनगर क्षेत्र में 17 मरीज मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुछ मरीज मिले हैं।
48 मरीजों की हुई छुट्टी, एक्टिव मरीज 800 पार
मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद राहत की बात यह है कि करीब 90 फीसदी मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं है। न बुखार है न ही जुकाम है। ऐसे में इन मरीजों को होम आइसोलेट किया जाएगा। हालांकि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ये शर्त रखी है कि घर में अलग से टॉयलेट और कमरे की व्यवस्था होनी चाहिए। थोड़े गंभीर लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाया जाएगा। जिन मरीजों का अस्पताल में उपचार चल रहा है वे भी चार से पांच दिन में स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं। अभी तक करीब 48 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई है। एक्टिव मरीज अब 820 हो गए हैं। इससे पहले 2 जून को 287 और 1 जून को 338 मरीज मिले थे।