ट्रक चालक की हत्या के मामले में पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फरारी के दौरान देवास की मस्जिद में छिपे थे। दोनों ने जुर्म कुबूल किया है और पुलिस को बताया कि जब ट्रक चालक नींद में था तब उसकी हत्या कर हाथ-पैर और धड़ काट दिए थे। चाकू को शिप्रा नदी में फेंका था। पुलिस अब चाकू की तलाश कर रही है और हाथ-पैर सहित बाकी अंगों को तलाशा जा रहा है।
गौरतलब है कि लापता ड्राइवर कृष्णेंद्र उर्फ बबलू की हत्या में पुलिस ने उसकी पत्नी सुनीता उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया था। पत्नी सुनीता ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया था कि सोनू उर्फ सुनीता ने ही दो लोगों के साथ मिलकर पति की हत्या की है। पुलिस को गुमराह करने के लिए गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। हाथ-पैर कटवाकर बाहर फिंकवा दिए थे। पति के धड़ को घर के बाथरूम में ही गड्ढा कर गाड़ दिया था।
दरअसल, बबलू नशा करता था और पत्नी के कपड़े उतारकर उसे पीटता था। उसके चरित्र पर भी शंका करता था। इस कारण पत्नी ने हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक सोनू ने बताया कि पति अक्सर शराब के नशे में निर्वस्त्र कर पीटता था। इस वजह से उसने रिजवान और भय्यू के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। पत्नी सोनू ने 14 फरवरी को बबलू की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। पति ट्रक ड्राइवर है और काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहता है। पति की गैरमौजूदगी में रिजवान और भय्यू महिला के पास आते थे। पुलिस इस हत्याकांड से अनजान थी लेकिन 22 फरवरी को सुनीता के बड़े बेटे ने नशे में अपने दोस्तों से कहा कि मम्मी ने पापा को रास्ते से हटा दिया है। छोटे भाई के साथ शाजापुर जा रहा है। मां भी साथ जाएगी। मुखबिर ने यह बात पुलिस को बता दी। इसके बाद पुलिस ने सोनू और उसके बेटे को हिरासत में लिया और पूरा मामला उजागर हुआ।
नींद में था तब हत्या करके काट दिए हाथ-पैर
इस मामले में पुलिस ने फरार आरोपी रिजवान और भय्यू को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों देवास में छिपे थे। जब बबलू नींद में था तब उसकी हत्या कर हाथ-पैर काट दिए थे। चाकू को शिप्रा नदी में फेंकने की बात बताई। पुलिस ने बताया कि आरोपी रिजवान मूलत: सारंगपुर का रहने वाला और भय्यू उर्फ इरशाद राजगढ़ का है। हत्या के बाद दोनों आरोपी देवास के समीप टोंककलां की मुरसुदा मस्जिद के पास रहने वाले रिश्तेदार के घर छिपे थे। वे वकील के माध्यम से कोर्ट में पेश होने की कोशिश में थे। इसके चलते आरोपी रिजवान के भाई की उससे बात करवाई और जैसे ही लोकेशन पता चली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बबबू पत्नी सुनीता के कहने पर हत्या की थी। रिजवान ने दो दिन पहले ही घर में चाकू छिपा दिया था। 5 फरवरी को उसने सुनीता को नींद की गोलियां लाकर दे दी। उसने दाल में बबलू को गोलियां खिला दी। गहरी नींद में सोने के बाद सुनीता ने दोनों को बुलाया। भय्यू ने पहले पत्थर मारा और फिर गर्दन पर चाकू से वार किया। सांस बंद होने के बाद एक हाथ कंधे से काटा दूसरा कोहनी के पास से अलग कर दिया। इसके बाद घुटनों के पास से पैर भी काट दिए। देव गुराड़िया के नजदीक जंगल में शरीर के अंग फेंक दिए। पुलिस ने जब उक्त स्थान पर सर्चिंग की तो खून से सनी प्लास्टिक की थैली मिल गई लेकिन शरीर के अंग नहीं मिले। आरोपियों ने चाकू को शिप्रा नदी में फेंकने की बात कही है जिसे पुलिस तलाश कर रही है।