यूक्रेन में बिगड़े हालातों के बाद वहां रह रहे भारतीय धीरे-धीरे वतन लौट रहे हैं। बुधवार को यूक्रेन में रहकर पढ़ाई कर रही छात्रा इंदौर लौटी। छात्रा मूल रूप से मप्र के नागदा की निवासी है और इंदौर में मामा के घर आई है। छात्रा ने बताया कि वहां हालात बहुत बुरे हैं।
यूक्रेन से इंदौर लौटी इस छात्रा का नाम शिफा खान है। वह मूल रूप से नागदा की रहने वाली है। पिता बिजनेसमैन है व मम्मी कॉलेज में प्रोफेसर है। शिफा यूक्रेन के विनिट्सिया में विनिट्सिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पिछले चार माह से मेडिकल की पढ़ाई कर रहीं हैं। बुधवार को इंदौर लौटीं शिफा ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने उन्हें बताया कि अब उनकी ऑनलाइन क्लास 1 मई से शुरू होगी। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई करेगी। परिवार ने कहा है कि स्थिति सामान्य होने पर ही शिफा को दोबारा यूक्रेन भेजेंगे। शिफा के परिजन बताते हैं कि जब हमले का पता चला तो हम लगातार शिफा से संपर्क में थे। हमें उसकी काफी चिंता थी, लेकिन यह चिंता हमने जाहिर नहीं होने दी। जब युद्ध होने की आहट थी, तभी हमने शिफा को डेढ़ से दो माह का राशन लेकर रखने को बोल दिया था।
यूक्रेन से लौटे छात्रों की इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने की अगवानी
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युद्ध शुरू होते ही निरस्त हो गई फ्लाइट
शिफा ने यूक्रेन के हालातों के बारे में बताया कि 23 फरवरी को हमें हमले की जानकारी मिली। हमने वहां से निकलने का तय किया। 26 फरवरी को फ्लाइट की टिकट भी बुक की, लेकिन युद्ध शुरू होने से फ्लाइट निरस्त हो गई। 23 फरवरी को सायरन बजा। हमें बताया गया कि दो तरह से सायरन बजेगा। छोटा सायरन बजे तो आपको घर जाना है और दो मिनट में 3 हिस्सों में लंबा सायरन बजे तो आपको बंकर में भागना है। 24 फरवरी को 2 से 3 बार लंबा सायरन बजा और हमें बंकर में छिपना पड़ा। हमारे पास बेग था, जिसमें सारे जरूरी डॉक्यूमेंट, पासपोर्ट, खाना था। हमने दूतावास से संपर्क किया तो हमें कहा गया कि आप लोग रोमानिया बॉर्डर पहुंचे। वहां से आपको भेजा जाएगा। इसी बीच बॉर्डर बंद हो गई और हम वापस यूनिवर्सिटी लौटे। 27 फरवरी की रात को बॉर्डर पार की। रोमानिया के लोगों ने सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाईं। रात में ही बस से बुखारेस्ट एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से फ्लाइट से मुंबई पहुंचे और मुंबई से 1 मार्च की शाम को इंदौर एयरपोर्ट आए। शिफा ने बताया रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचने के लिए उन्हें करीब 10 से 12 किमी पैदल चलना पड़ा। बॉर्डर पर पहुंचने पर वहां ठंड में 8 घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ा। यूक्रेन के स्टूडेंट्स और इंडियन स्टूडेंट्स की अलग-अलग लाइन थी।
सांसद ने की एयरपोर्ट पर अगवानी
इधर यूक्रेन से धीरे-धीरे लोग वतन लौट रहे हैं। इंदौर निवासी छात्र भी वापस घर आ रहे हैं। इंदौर एयरपोर्ट पर यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों की अगवानी सांसद शंकर लालवानी ने की। सांसद शंकर लालवानी ने पीएम मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और सीएम शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद देते हुए कहा ऐसी विपरीत परिस्थितियों में भी पीएम के नेतृत्व में भारत के नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा जारी है।