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इंदौर: कर्ज चुकाने के लिए बनाई लूट की योजना, महिला ने किया विरोध तो गला रेतकर मार डाला, मंगलसूत्र, जेवरात सहित नकदी ले गए, दो गिरफ्तार

Mon, 31 Jan 2022 03:23 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

महिला की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हत्या के बाद आरोपी घर में रखे गहने और रुपये ले गए थे। कर्ज चुकाने के लिए वारदात करने की बात सामने आई है। 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महिला की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हत्या के बाद आरोपी घर में रखे गहने और रुपये ले गए थे। कर्ज चुकाने के लिए वारदात करने की बात सामने आई है। 
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गौरतलब है कि देपालपुर के बेटमा रोड पर रहने वाली किराना व्यापारी दाखाबाई पति शांतिलाल जैन की लूट के बाद हत्या कर दी गई थी। घर से 25 हजार रुपये और दाखाबाई के गले में पहना मंगलसूत्र गायब था। गला रेतकर हत्या की गई थी। हमले के दौरान महिला ने आरोपियों का विरोध किया और उनसे लड़ी लेकिन उन्होंने गला रेत दिया जिस कारण महिला की मौत हो गई। घटना के वक्त महिला घर में अकेली थी। पति शांतिलाल दूसरे गांव गया था। घर आकर देखा तो पत्नी का रक्तरंजित शव पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। यह पता चला कि हत्या के बाद आरोपी घर में रखे सोने-चांदी के गहने और नकदी 25 हजार रुपये लेकर भाग गए। महिला के गले में पहना मंगलसूत्र भी ले गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे। इसके आधार पर आरोपियों तक पहुंची। शांतिलाल जैन की घर में ही किराने की दुकान है। उनके न रहने पर पत्नी दुकान चलाती थी। इस कारण पुलिस को शक था कि वारदात से पहले रैकी की गई होगी। दुकान पर सामान लेने के बहाने देखा होगा कि घर में कौन कौन रहता है। सीसीटीवी फुटेज में पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले जिससे आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। 

कर्ज चुकाने की सोचता रहता था
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम सैफ अली और अशरफ दोनों निवासी हसनाबाद है। पुलिस ने बताया कि  आरोपी सैफ अली व्यापारी के घर के पास स्थित अंकित ऑटो पार्ट्स में काम करता है। उसने अपने साथी अशरफ के साथ मिलकर वारदात की थी। पूछताछ में दोनों ने वारदात कुबूल की है। यह बात सामने आई है कि सैफ अली पर कर्ज हो गया था। वह दुकान पर काम करते-करते कर्ज चुकाने की सोचता रहता। इसी दौरान उसने दुकान के पास स्थित व्यापारी के घर लूट की योजना बनाई। उसको जानकारी थी कि दिन में व्यापारी शांतिलाल गांव में दूसरी दुकान पर जाते हैं। दाखाबाई अकेली रहती है। इनके घर में काफी पैसा मिलेगा। उसे यह भी पता था कि शाम को दाखाबाई खाना बनाने चली जाती है, उस समय दुकान में वारदात की जा सकती है। सैफ अली वारदात वाली शाम को अशरफ को लेकर दुकान पर पहुंचा और उसे बाहर खड़ा कर अंदर घुसा। जैसे ही वह अंदर गया तो दाखाबाई ने देख लिया और शोर मचाने लगी तो उसने उसका गला दबाकर चाकू से रेत दिया और गले में पहना मंगलसूत्र तथा दुकान में रखी नकदी ले गया। 
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