मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में चूहों द्वारा नवजात बच्चे की एड़ी कुतरे जाने पर मचे बवाल के बाद अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार रात तीन कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की।
अस्पताल प्रशासन ने एक महिला नर्स को निलंबित कर दिया। इसके अलावा एमवायएच में साफ-सफाई और सुरक्षा की ठेकेदार कंपनी के दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसी कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
एमवायएच के अधीक्षक प्रमेंद्र ठाकुर ने बताया कि घटना की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई। ठाकुर के मुताबिक इस समिति में अस्पताल का एक प्रशासकीय अधिकारी और दो डॉक्टर शामिल थे।
मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
इससे पहले, मप्र मानवाधिकार आयोग ने चूहों द्वारा नवजात बच्चे की एड़ी कुतरे जाने के मामले का मंगलवार को ही संज्ञान लिया और प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों से 15 दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की।
23 दिन का है बच्चा
इस बीच, एमवायएच के एक अधिकारी ने नाम जाहिर न किए जाने की शर्त पर बताया कि 23 दिन के बच्चे को अस्पताल की नर्सरी के झूले में रखा गया था, जहां उसकी एड़ी को चूहों ने कुतर दिया। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में बच्चे के घाव की मरहम-पट्टी की जा रही है। फिलहाल उसकी हालत ठीक है।
इसलिए रखा था नर्सरी में
अधिकारी के मुताबिक एमवायएच में चूहों के हमले का शिकार बच्चा गर्भावस्था की सामान्य अवधि से करीब दो महीने पहले जन्मा था और प्रसव के वक्त उसका वजन सिर्फ 1.3 किलोग्राम था। इसलिए उसे नर्सरी में रखकर उसकी देखभाल की जा रही थी।