इंदौर की केंद्रीय जेल में बंद एक कैदी ने पजामे के नाड़े का फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कैदी आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जब जेल प्रशासन को सूचना मिली तो कैदी को फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर मामले में कैदी के भाई ने हत्या के आरोप लगाए।
जानकारी के मुताबिक कैदी का नाम कालू उर्फ ललित पिता श्यामलाल (40) निवासी भागीरथपुरा है। उसने बैरक की जाली में फांसी लगाकर जान दे दी। रात में प्रहरी ने कैदी को देखा जिसके बाद अधिकारियों को सूचना दी। लॉकअप खोल कर उसे पहले मेडिकल वार्ड में ले जाया गया। यहां एंबुलेंस से कैदी को एमवाय अस्पताल भेजा गया। देर रात करीब 1 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कालू 2008 से सेंट्रल जेल में तीन हत्याओं के मामले में दोहरे आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। इसके अलावा उस पर मारपीट, लूट व कुछ अन्य मामलों में पांच, सात और तीन साल की सजा भी हुई थी। वह नशे का आदी था। पिछले दिनों तलाशी के दौरान कालू के पास से तंबाकू मिली थी, जिसके बाद उसे अलग सेल में भेज दिया था। इधर मामले में मृतक कैदी के भाई का आरोप है कि अगस्त में वह जेल से छूटने वाला था। रात में किसी ने मारपीट कर उसकी हत्या कर फंदे पर लटका दिया। जेल डीआईजी ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।