शहर में पहली बार इंदौर गौरव दिवस का आयोजन हो रहा है, लेकिन इस आयोजन में भी विवाद की इंट्री हो गई है। प्रशासन पर स्थानीय कलाकारों की उपेक्षा का आरोप लग रहा है तो कांग्रेस स्थानीय कलाकारों को मौका देने की बात कह चुकी है, लेकिन अब मामले ने यूटर्न ले लिया है। कांग्रेस जो गौरव यात्रा निकालने वाली थी उसे अनुमति नहीं दी गई है। इसके चलते कांग्रेस नेता मुख्यमंत्री का घेराव करने की बात कह रहे हैं। हालांकि बार-बार कांग्रेस का यह कार्यक्रम संशोधित हो रहा है।
बता दें कि 31 मई की शाम को नेहरू स्टेडियम में इंदौर गौरव दिवस का मुख्य समारोह होने वाला है। इसमें पार्श्वगायिका श्रेया घोषाल और गीतकार मनोज मुंतशिर प्रस्तुति देने आएंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इंदौर की दस विभूतियों का सम्मान किया जाएगा। प्रशासन ने जोरशोर से इसके लिए तैयारियां की है। पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, विधायक संजय शुक्ला व अन्य ने मीडिया के माध्यम से बताया था कि प्रशासन इंदौर के स्थानीय कलाकारों की उपेक्षा कर रहा है। इसके लिए कांग्रेस शहर की कलाकार व समाजसेवी पलक मुछाल और मशहूर गीतकार स्वानंद किरकिरे की प्रस्तुति करवाएगी। इसके लिए कांग्रेस गौरव यात्रा निकालेगी जिसमें दोनों कलाकार प्रस्तुति देंगे, लेकिन प्रशासन ने कांग्रेस की इस गौरव यात्रा को अनुमति नहीं दी है। लिहाजा अब मामला उलझ गया है। कांग्रेस नेता नाराज हैं और विरोध प्रदर्शन की बात कह रहे हैं।
मुख्यमंत्री के घेराव पर संशय बरकरार
30 मई को कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रशासन ने कांग्रेस विधायक को यात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के घेराव की घोषणा कर दी। सोमवार शाम को मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर घेराव का कार्यक्रम जारी किया गया। मंगलवार शाम को घेराव होना था मगर मंगलवार सुबह कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन में बदलाव कर एलान कर दिया है कि मुख्यमंत्री का घेराव नहीं किया जाएगा। दोपहर 2 बजे बाणगंगा थाने पर जाकर थाना प्रभारी को ज्ञापन दिया जाएगा। हालांकि बाद में फिर से संशोधित कार्यक्रम जारी हुआ। इसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री का घेराव किया जाएगा। बार-बार बदलते कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर अब भी संशय बना हुआ है। इधर अंदरखाने की खबर यह भी है कि प्रदर्शन के दौरान केस दर्ज होने और जेल भेजे जाने की सूचना कांग्रेस नेताओं तक प्रशासन की ओर से भेजी गई थी। इसके बाद आयोजन का स्वरूप बदल दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पहले सरकार ने घोषणा की थी कि आयोजन में स्थानीय प्रतिभाओं को मंच दिया जाएगा। जबकि अब बाहर से कलाकार बुलाए जा रहे हैं। यह स्थानीय प्रतिभाओं का अपमान है। हमने इन प्रतिभाओं को मंच देने के लिए आयोजन किया तो प्रशासन ने उसे रोक दिया। इसलिए हम लोग विरोध कर रहे हैं।