खजराना थाना क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात हुई। ढाई माह के बच्चे को उसकी नाबालिग मां ने मार डाला। वजह यह थी कि बच्चा बार-बार रोता था। नाबालिग मां उसे संभाल नहीं पाती थी, इस कारण गला घोंटकर बच्चे की हत्या कर दी।
खजराना थाना पुलिस के मुताबिक खजराना क्षेत्र में रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिग इलाके के रहने वाले फरहान के साथ जुलाई 2020 में भाग गई थी। परिवार ने लड़की की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एक साल बाद अक्टूबर 2021 में नाबालिग और फरहान को पुलिस ने इंदौर के समीप पीथमपुर इलाके से खोजा था। आरोपी फरहान को पॉक्सो एक्ट के साथ दुष्कर्म के तहत मामला दर्ज कर को जेल भेज दिया। उस समय नाबालिग चार महीने की गर्भवती थी। 15 मार्च को उसने बेटे को जन्म दिया। 31 मई को बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी।
फरहान के जेल जाने के बाद से नाबालिग परिवार वालों पर लगातार उसे बाहर निकलवाने का दबाव बना रही थी। इसके बाद परिवार ने कोर्ट में एक आवेदन देकर फरहान को जेल से बाहर निकलवाया। आरोपी तब तक 5 माह की जेल काट चुका था। बेटे को जन्म देने पर पुलिस ने परिवार वालों को बच्चे का डीएनए करवाने के लिए कहा था। बच्चा कमजोर पैदा हुआ था। इस कारण परिवार वाले डीएनए टेस्ट करवाने के लिए मना करते रहे। कुछ दिन पहले खजराना थाने के जांच अधिकारी ने डीएनए टेस्ट करवाने के लिए कहा तो परिवार ने बच्चे की मौत होने की जानकारी दी। इस पर पुलिस को आशंका हुई तो मां को हिरासत में लिया।
सख्ती करने पर उगला सच
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि 31 मई को बच्चे की तबीयत खराब हो गई थी। निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए थे। पुलिस ने कारणों का पता किया तो लड़की ने बताया कि बच्चे को पॉवडर वाला दूध देते थे। गले में दूध अटक गया जिससे वो सांस नहीं ले पा रहा था। उसे अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। युवती द्वारा कई बार बयान बदलने और बातों को घुमाने पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने जब सख्ती से पूछा तो लड़की ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए कहा, मैं उसे संभाल नहीं पा रही थी। वो पूरा दिन रोता रहता था। इस कारण गला दबा कर उसे मार डाला। पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा है।