तेंदुए के हमले से सात साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची अपनी मां के साथ झोपड़ी के बाहर सो रही थी, इसी दौरान वहां तेंदुआ और बच्ची को मुंह से पकड़कर उठाकर ले जाने लगा। बच्ची के चीखने पर परिजन नींद खुली और तेंदुए को भगाया। हालांकि देर काफी हो चुकी थी। बच्ची के गले में दांत लगने से उसकी सांस रूक गई और मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक घटना बुधवार देर रात को सिमरोल थाना क्षेत्र के चोरल रेंज के गांव मेंडल में हुई। रूबीना (07) अपनी मां के साथ झोपड़ी के बाहर सो रही थी। इसी दौरान वहां तेंदुआ आया और उसने रूबीना पर हमला कर दिया। मुंह में उठाकर रूबीना को ले जाने लगा। बच्ची चिल्लाई तो परिजन उठे। पिता राजू लाठी लेकर तेंदुए के पीछे भागे। शोर सुनकर गांववाले भी आ गए। तेंदुए पर पत्थर फेंके। इसके चलते तेंदुआ कुछ दूरी पर बच्ची को छोड़कर भाग गया। बच्ची का गला बुरी तरह घायल हो चुका था। तेंदुए के दांत गले के अंदर तक जाने से बच्ची की सांस रुक गई। कुछ देर बाद उसकी वहीं मौत हो गई। परिजन इलाज के लिए मासूम को अस्पताल तक नहीं ले जा सके। बताया जा रहा है कि बच्ची के माता-पिता गांव और जंगलों में मजदूरी करते हैं। इसके चलते जंगल में ही झोपड़ी बनाकर रहते हैं।