देश के स्वच्छ शहर इंदौर में स्वच्छता में कोताही बर्दाश्त नहीं की जा रही है। जहां भी गंदगी पाई जाती है वहां टीम पहुंचकर चालान बना देती है। ऐसे ही एक मामले में दिलीप बिल्डकॉन कंपनी के मजूदरों को गंदगी फैलाते हुए पकड़ा। कंपनी के अधिकारियों को बुलाया और 15 हजार का स्पॉट फाइन किया।
गौरतलब है कि दिलीप बिल्डकॉन कंपनी एमआर-10 क्षेत्र में मेट्रो प्रोजेक्ट का काम संभाल रही है। एमआर-10 ब्रिज के कई हिस्सों में मेट्रो प्रोजेक्ट का काम संचालित हो रहा है। इसके लिए दिलीप बिल्डकॉन की फर्म ने बड़ी संख्या में मजदूरों की टीम लगा रखी है, जो सड़क के आसपास के क्षेत्रों में ही अपने आशियाने बनाए हुए हैं। इसके चलते मजदूर खुले में ही शौच के लिए जाते हैं जबकि खुले में शौच पर पाबंदी है। नगर निगम की एक टीम सतत इसका निरीक्षण करती है कि लोग खुले में शौच तो नहीं कर रहे। इसी निरीक्षण के दौरान एमआर-10 क्षेत्र में कई मजदूर गंदगी फैलाते हुए निगम टीम को मिले। टीम ने मौके पर कंपनी के अधिकारियों को बुलाया और मजदूरों के लिए समुचित सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही सुविधा घर को लेकर फटकार लगाई गई। कंपनी पर 15 हजार का स्पॉट फाइन करने के साथ चेतावनी दी कि फिर से मामला पकड़ा गया तो बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कचरा फैलाने पर कंपनी पर एक लाख का स्पॉट फाइन
इसी तरह एक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कंपनी फैलाई जाने पर कंपनी के खिलाफ नगर निगम ने एक लाख रुपये का स्पॉट फाइन किया। जोन 11 के सीएसआई हिमांशु गुप्ता ने वार्ड नंबर 48 में सेन्ट पॉल स्कूल में सिविल कंस्ट्रक्शन का काम कर रही जेडी कंस्ट्रक्शन पर 1 लाख का जुर्माना किया। यहां काम के दौरान वेस्ट मटेरियल और कचरा एग्रीकल्चर चौराहा धार कोठी में फेंका जा रहा था। जब टीम यहां पहुंची तो खुले में काफी कचरा पड़ा देखा। इसके बाद टीम ने पहचान करते हुए जुर्माना लगाया है। निगम के अनुसार सफाई करने वाले सफाई मित्रों को स्कूल के दस्तावेज कचरे में पड़े मिले थे। टीम जब स्कूल पहुंची तो उन्होंने जेडी कंस्ट्रक्शन की जानकारी दी। जिसके बाद सुपरवाइजर को बुलाकर जुर्माने की रसीद सौंपी। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में दिल्ली की टीम आएगी जिसके चलते निगम सफाई पर विशेष ध्यान दे रहा है। छठी बार स्वच्छता में सिरमौर बनने की कोशिश में जुटा हुआ है।