बैठक में निर्देश देते कलेक्टर।
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कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि कान्ह नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर सतत अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कान्ह नदी में जुड़ने वाले तीन नालों में इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्चार्ज करने वाले उद्योगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि उक्त कार्रवाई करने के लिए संबंधित क्षेत्र के सीईओ जनपद, नायब तहसीलदार, पंचायत सचिव एवं अन्य अधिकारियों का दल गठित किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा है कि यह दल गैर-आवासीय गतिविधियों से प्रदूषित होने वाले नालों की समीक्षा करेंगे एवं प्रदूषण के लिए जिम्मेदार उद्योगों को सील कर उनका विद्युत कनेक्शन कटवाने की प्रक्रिया संपन्न कराएंगे। इस संपूर्ण कार्य की मॉनिटरिंग अपर कलेक्टर पवन जैन करेंगे। उद्योगों के निरीक्षण के दौरान फैक्टरी द्वारा किए जा रहे पानी के उपभोग की मात्रा, एफ्लूएंट के रूप में निकाला जा रहा इंडस्ट्रियल वेस्ट तथा कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जा रहा तरल वेस्ट आदि की समीक्षा की जाएगी। ऐसी सभी फैक्टरियां जहां एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट होना अनिवार्य है उनकी भी जांच की जाएगी। जिन फैक्टरियों में ईटीपी प्लांट बंद पाया जाएगा उनको भी सील करने की कार्यवाही की जाएगी।
लापरवाही पर दिए कारण बताओ नोटिस
कलेक्टर मनीष सिंह सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने कान्ह नदी के प्रदूषण संबंधी अहम निर्देश दिए। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। सीएम हेल्पलाइन पर 100 दिवस की अधिक अवधि से लंबित 1304 शिकायतों के संतुष्टिपूर्वक निराकरण के निर्देश दिए। पोषण जागरूकता सप्ताह के दौरान जिले के सभी 0 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को पोषण सर्टिफिकेट दिलवाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी को दिए। सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर पीओ डूडा एवं देपालपुर के तत्कालीन सीएमओ को कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।