घटना का खुलासा कर जानकारी देती पुलिस
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कर्ज से परेशान होकर एक युवती ने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची। युवती पर लाखों रुपये का कर्ज था, जिस कारण उसने नौकर के साथ मिलकर खुद के अपहरण की कहानी रची। घर पर फोन कर बताया कि तीन लोगों ने अपरहण कर लिया है।
हीरानगर थाना पुलिस ने बताया कि 5 जनवरी को रिंकू पिता अशोक कुमार गांगुली (42) निवासी प्रिंस सिटी इंदौर ने थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि बहन अलीशा पति संजय राय (35) पड़ोस में रहती है। वह खातीपुरा में एम्ब्रॉइडरी का कार्य करती है। रोज की तरह सुबह खातीपुरा स्थित कारखाने पर काम पर गई थी। दिन में अलीशा को फोन लगाया तो उसका फोन बंद आ रहा था। शाम को अलीशा ने मुझे कॉल किया और बताया कि तीन अज्ञात व्यक्तियों ने मुझे किडनैप कर लिया है। फिरौती मांग रहे है। सुनसान जगह पर रखा है। बाद में उसने कहा कि आप फोन मत करना, मैं खुद फोन करके बता दूंगी। इसके बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने टीम बनाई और संदिग्ध स्थानों पर उन्हें भेजा। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे। इस दौरान कुछ विरोधाभासी बाते देखने को मिलीं। पुलिस ने सभी फुटेज खंगाले। आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम साका थाना चैनपुर जिला खरगोन में पता करने पर अपहर्ता वहां पर भी नहीं मिली। पुलिस टीम ने मनोवैज्ञानिक तरीके से दबाव बनाया तो अलीशा ने देर रात भंवरकुआं थाना आकर फिर नई झूठी कहानी बनाने की कोशिश की। तब तक हीरानगर पुलिस ने दिलीप उर्फ धुलीचन्द्र पिता गुलाबचन्द्र शोले निवासी सफेद मंदिर के पास जिला इंदौर को पकड़कर अलीशा को दस्तयाब कर लिया। अलीशा से पूछताछ की तो उसने बताया कि 4-5 लाख रुपये के कर्ज से परेशान होकर खुद के अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। फिरौती से जो रकम मिलती, उससे कर्ज चुकाने की योजना थी।