आठ जून से भारत को अनलॉक करने की तैयारी चल रही है। सोमवार से धार्मिक स्थल को कुछ नियमों के तहत खोलने की तैयारी है। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने धार्मिक स्थलों को लेकर गाइडलाइन जारी की है। जिसमें कहा गया है कि धार्मिक स्थल में घंटी बजाना, मूर्ति छूना मना होगा।
मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले सभी भक्तों को अपने हाथ और पैरों को साबुन से धोना होगा। प्रवेश द्वार पर ही शरीर का तापमान चेक किया जाएगा। जिसके आधार पर ही मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे। मध्यप्रदेश के इंदौर में आठ जून से खुल रहे मंदिर में प्रवेश से लेकर दर्शन तक के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। छोटे बच्चे,महिला,पुरुष या वृद्ध, कोई भी हो उन्हें मास्क लगा होने पर, गमछा या दुपट्टा सही तरीके से लगा होने पर ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
मंदिर में प्रवेश और दर्शन से संबंधित नियम
- मंदिर में प्रवेश भगवान के स्नान,श्रृंगार पूर्ण होने के बाद करीब 8ः15 से 8ः30 बजे के बाद शुरू होगा।
- मंदिर प्रतिदिन 2-30 बजे तक खुला रहेगा।
- सायंकालिक सेवा को फिलहाल विराम दिया गया है।
- मंदिर में एक दूसरे से दूरी निर्धारण करने के लिए 6-6 फुट की दूरी पर लाल रंग के स्टीकर लगे हुए हैं।
- एक समय में केवल 15 ही लोग दर्शन कर सकेंगे।
- आरती के समय बाहर खड़े लोग सीढ़ियों पर ना खड़े रहें।
- मंदिर में दर्शन करने के लिए केवल 20-25 सेकण्ड का समय निर्धारित किया गया है।
- प्रसाद के लिए कागज स्वयं के घर से लेकर आएं
- मंदिर के अंदर अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रयोग सख्ती से वर्जित है।
- घर से लाया हुआ जल या दूध भी नही चढ़ाया जा सकेगा।
भोलेनाथ को, सूर्यदेव को जल चढ़ाना, परिक्रमा लगाना, तिलक लगाना, घंटी बजाना इत्यादि कुछ समय के लिए बंद किया जा रहा है। ये नियम मल्हारगंज स्थित अतिप्राचीन श्री गणेश मंदिर का है। मंदिर प्रशासन ने सभी निवेदन किया है वे इसे गंभीरता से पालन करें।