इंदौर के एक शासकीय स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) लड़कियों को मोबाइल पर अश्लील फिल्में दिखाता था। इसकी शिकायत मिलने पर डीईओ ने निरीक्षण किया। निरीक्षण में शिकायत सही पाई गई, जिस पर चपरासी को निलंबित कर दिया। आरोप थे कि यह चपरासी काम के दौरान अपने मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखता था और लड़कियों को भी अश्लील वीडियो दिखाता था। इतना ही नहीं वह काम पर भी समय से नहीं आता था और जल्दी निकल जाता था।
जानकारी के मुताबिक मामला शासकीय शारदा कन्या विद्यालय का है। यहां के चपरासी विकास तिवारी को जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास ने निलंबित किया है। व्यास ने बताया कि चपरासी विकास तिवारी के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वह समय पर स्कूल नहीं आता है और समय से पहले ही स्कूल से चला जाता है। इसके साथ ही स्कूल के स्टाफ ने यह भी आरोप लगाया था कि वह स्कूल समय में मोबाइल पर लगातार अश्लील फिल्में देखता रहता है। शिकायतों के बाद उक्त विद्यालय का मैंने स्वयं निरीक्षण किया और शिकायतें सत्य पाईं। उक्त कदाचरण को देखते हुए चपरासी विकास तिवारी को निलंबित कर दिया गया है।