फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंदौर : हनी ट्रैप मामले में जीतू सोनी और उसके बेटे अमित के खिलाफ एफआईआर

Mon, 02 Dec 2019 02:03 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

मध्यप्रदेश में हनीट्रैप मामले में स्थानीय कारोबारी और एक सांध्य दैनिक के मालिक जीतेन्द्र सोनी उर्फ जीतू सोनी के बार से कई लड़कियों और नाबालिग लड़कों को बचाया गया है। साथ ही जीतू, उसके बेटे समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 

विज्ञापन


इंदौर एसएसपी रुचि वर्धन मिश्रा ने बताया कि एसएसपी ने बताया कि जीतू सोनी द्वारा संचालित बार 'माई होम' से 67 महिलाओं-युवतियों और सात नाबालिग लड़कों को बचाया गया है। उन्हें ग्राहक को लुभाने के लिए रखा गया था और ग्राहकों द्वारा मिलने वाली टिप ही उनकी कमाई थी।


उन्होंने बताया कि जीतू सोनी (जीतेंद्र सोनी), उसके बेटे अमित सोनी और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इनके खिलाफ इंदौर हनीट्रैप मामले में आईटी कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। अमित सोनी बार का मैनेजर है।
विज्ञापन



एसएसपी ने कहा, चूंकि मुख्य आरोपी (जीतू सोनी) अभी भी फरार है, उसके आवास और कार्यालय पर छापेमारी की गई जहां से कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, तीन सेफ और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। अमित सोनी की भूमिका का पता लगाया जा रहा है, अगर वह इसमें शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। 


बता दें कि मध्यप्रदेश की इंदौर पुलिस ने शनिवार रात को बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में कई जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने स्थानीय कारोबारी जीतेन्द्र सोनी के घर, होटल, रेस्तरां और नाइट क्लब पर छापे मारे गये। सोनी एक सांध्य दैनिक के मालिक भी हैं। दल जांच के लिए इस मीडिया संस्थान के दफ्तर भी पहुंचा।

ज्ञात हो कि सोनी का मीडिया संस्थान पिछले कई दिनों से हनी ट्रैप मामले से जुड़े ऑडियो-वीडियो की खबरें प्रकाशित और प्रसारित कर रहा है। स्थानीय पत्रकार संगठनों ने सोनी के मीडिया संस्थान पर छापे को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को डराने का सरकारी प्रयास करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की थी।

बता दें कि मध्यप्रदेश में हनीट्रैप मामले ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। इस जांच के लपेटे में कई वरिष्ठ अधिकारी भी आए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी की गठन भी किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें