जिला न्यायालय ने एक युवक के खिलाफ वसूली वारंट जारी किया है। युवक के खिलाफ उसकी पत्नी ने केस दर्ज करवाया था। आरोप लगाए थे कि पति समलैंगिक है और अपने समलैंगिक दोस्त के साथ अश्लील फोटो उसे टैग करता था। तलाक का दबाव बनाकर परेशान करता था।
जानकारी के अनुसार पिछले दिनों लसूड़िया थाना क्षेत्र के रहने वाले युवक दीपक और उसके परिवार के खिलाफ पीड़िता ने प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। बताया था कि उसका पति समलैंगिक है। पति और उसका समलैंगिक पार्टनर पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर तलाक लेने का दबाव बनाते थे। सोशल मीडिया पर पीड़िता को टैग कर अश्लील व अभद्र फ़ोटो भी पोस्ट करते थे, जिसके बाद पीड़िता ने पति और उसके समलैंगिक दोस्त के विरुद्ध भी अश्लीलता फैलाने और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मामले में न्यायालय ने पीड़िता को पति की ओर से 7000 रुपये का भरण पोषण दिए जाने का आदेश दिया था, जिसका पालन पति ने नही किया। इसलिए अब न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ वसूली वारंट जारी किया है।
2015 में हुई थी शादी
पीड़िता फैशन डिजाइनर है और 2015 में दीपक से उसकी शादी हुई थी। पत्नी का आरोप है कि शादी के छह माह बाद से ही पति दीपक अपनी पत्नी से अय्याशी करने के लिए दहेज की मांग करता रहता था। परेशान होकर पत्नी ने पति के खिलाफ जिला न्यायलय में दहेज प्रताड़ना का केस दायर किया गया था। जिला न्यायलय ने पीड़िता के पक्ष में फैसला देकर आरोपी पति को पत्नी का भरण पोषण देने का आदेश दिया था। कोर्ट के भरण पोषण के आदेश के बाद आरोपी पति द्वारा पत्नी को अपने समलैंगिग फोटो को सोशल मीडिया पर डालकर प्रताड़ित कर रहा था। लसूड़िया पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाने का केस दर्ज किया था।