कोरोना फिर डराने लगा है। इंदौर में एक के बाद एक लगातार कोरोना संक्रमित मरीज निकल रहे हैं। बीते 24 घंटों में दस मरीज मिले हैं। इसके अलावा पिछले आठ दिन की बात की जाए तो 55 मरीज सामने आ चुके हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या 45 हो गई है।
दरअसल दीपावली के पहले तक कोरोना के केस बढ़ रहे थे इसके बाद इसमें गिरावट आने लगी। प्रशासन ने जरूर कहा था कि कोरोना खत्म नहीं हुआ है लेकिन लोगों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना ही बंद कर दिया। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता नहीं दिखा। अब इसके डराने वाले परिणाम आ रहे हैं क्योंकि इंदौर में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इंदौर से लगे राऊ में 3, पलासिया, मल्हारगंज व लसूड़िया में एक एक मरीज मिला है। कुछ मरीज दूसरे इलाकों में मिले हैं। रविवार को मेडिकल की टीम पॉजिटिव मरीजों के घर पहुंची। उनकी संपर्क हिस्ट्री तलाशी जा रही है और परिवारवालों के सैंपल भी लिए जाएंगे।
ज्यादातर मरीजों में कोई लक्षण नहीं
बीते आठ दिनों की बात करें तो लगातार मरीज निकल रहे हैं। 21, 22, 24 व 25 नवंबर को ही थोड़ी राहत मिली थी क्योंकि इन तारीखों में क्रमशः 4,3,5 व 2 मरीज ही मिले थे जबकि 23,26 व 27 नवंबर को क्रमशः 13,12 और 10 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। पॉजिटिव मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाया जा रहा है। जो मरीज संक्रमित हैं उनमें विशेष लक्षण नहीं है। इधर प्रशासन ने कोरोना के आंकड़ों को देख चिंता जताई है। वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है। विदेशों में मिले नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्ती बरतना शुरू की है। कलेक्टर का कहना है कि किसी भी संस्थान में कर्मचारी दूसरा डोज लगवा बिना काम करते पाए जाते हैं तो संस्थान के मालिक पर कार्रवाई की जाएगी। सेकंड डोज हर हाल में लगा होना चाहिए।