फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंदौर के युवाओं ने पेश की मिसाल, झोंपड़ी में रह रहे शहीद के परिवार को 27 साल बाद मिली छत

Fri, 16 Aug 2019 11:59 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन
शहीद जवान मोहन सिंह का घर - फोटो : Social Media
विज्ञापन
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इंदौर के बेटमा के युवाओं ने शहीद के परिवार को 27 साल बाद पक्का घर बनवाकर तोहफे में दिया। गांव के युवाओं ने अपनी हथेलियों पर शहीद की पत्नी को पैर रखवाकर घर में प्रवेश करवाया।
विज्ञापन




सीमा सुरक्षा बल के जवान मोहन सिंह सुनेर 27 साल पहले असम में शहीद हो गए थे। उनका परिवार अब तक झोंपड़ी में गुजर-बसर कर रहा था। गांव के कुछ युवाओं ने उन्हें पक्का मकान देने के लिए एक अभियान चलाया जिसमें देखते ही देखते 11 लाख रुपये जमा हो गए।

गांववालों ने इसमें से 10 लाख रुपये से शहीद के परिवारवालों के लिए एक मकान तैयार कराया और 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद की पत्नी को गृहप्रवेश भी करवाया।
विज्ञापन




नहीं मिला सरकारी योजनाओं का लाभ
शहीद के परिवार हालत देखकर क्षेत्र के कुछ युवाओं ने 'वन चेक-वन साइन' नाम से अभियान शुरू किया। मकान बनाने के लिए 11 लाख रुपये इकट्ठा भी हो गए, जिससे दस लाख रुपए में शहीद मोहन सिंह सुनेर का घर तैयार हो गया। बचे हुए एक लाख रुपये से मोहन सिंह की प्रतिमा को तैयार किया गया है।
विज्ञापन


असम में तैनात थे मोहन सिंह
सुमेर सिंह असम में पोस्टिंग के दौरान 31 दिसंबर 1992 को शहीद हो गए थे। उनका परिवार तब से झोंपड़ी में रह रहा था। जब वे शहीद हुए उस समय उनकी पत्नी गर्भवती थीं और उनका एक तीन साल का बेटा भी था।
 

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें