भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने महात्मा गांधी को गाली देने के मामले में गिरफ्तार कालीचरण महाराज का पक्ष लिया है। उन्होंने कहा कि संतों पर टीका-टिप्पणी उचित नहीं है। समझाइश से कोई चीज हो सकती है तो कानून का उपयोग ठीक नहीं। संतों के मामले में थोड़ा लिबरल होना चाहिए।
भाजपा महासचिव विजयवर्गीय ने कहा कि जब देश में नारे लगते हैं कि भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह, इंशा अल्लाह, तो वहां खुद राहुल गांधी जाते हैं उनकी पीठ थपथपाने। विपक्ष के नेता भी वहां जाते हैं। भारत के खिलाफ टिप्पणी हो तो पीठ थपथपाते हैं, लेकिन कोई व्यक्ति अगर अपने दिल के जज्बात बयां करता है तो उसका बोलने का अधिकार सुरक्षित नहीं है। अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग मापदंड राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश है। हालांकि, विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि भाषा संयमित होना चाहिए।
महात्मा गांधी के खिलाफ की थी टिप्पणी
कालीचरण महाराज ने रायपुर में महात्मा गांधी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की थी। उन्होंने नाथूराम गोडसे का महिमामंडन किया था। पुलिस ने केस दर्ज किया तो कालीचरण ने वीडियो जारी किया और कहा कि मुझे अपनी बात पर कोई अफसोस नहीं है। यदि मृत्युदंड भी दिया जाता है तो स्वीकार है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने कालीचरण को गिरफ्तार किया है।