मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि इंदौर और भोपाल में पुलिस कमिश्नर प्रणाली दो से तीन में लागू हो जाएगी। इसका प्रस्ताव गृह, वित्त और विधि विभाग से मंजूरी पा चुका है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट या विधानसभा में ले जाने की जरूरत नहीं है। इससे पहले डॉ. मिश्रा ने कहा था कि नवंबर के महीने में ही इंदौर और भोपाल में कमिश्नर प्रणाली लागू हो जाएगी।
डॉ. मिश्रा ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में दोहराया कि प्रक्रिया पूरी हो रही है। जल्द ही इंदौर और भोपाल को कमिश्नर मिल जाएंगे। इससे पहले डॉ. मिश्रा ने मंगलवार को कहा था कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली नवंबर में ही लागू हो जाएगी। इस संबंध में आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। इसी महीने में नोटिफिकेशन जारी होंगे और नए अफसरों की पोस्टिंग भी हो जाएगी। उन्होंने कहा था कि गृह विभाग दंड प्रक्रिया संहिता की धारा जैसे 107/116, 144, 133, पुलिस एक्ट, मोटरयान अधिनियिम, एनएसए, राज्य सुरक्षा अधिनियम (जिला बदर), प्रिजनर एक्ट, अनैतिक देह व्यापार अधिनियम, शासकीय गोपनीय अधिनियम इत्यादि में संशोधन करेगा। पुलिस को अतिरिक्त अधिकार मिलेंगे।
#Bhopal और #Indore में पुलिस कमिश्नर प्रणाली जल्द ही लागू कर दी जाएगी। इसके ड्राफ्ट को गृह विभाग, विधि विभाग और वित्त विभाग ने अपनी स्वीकृति दे दी है और अब जल्द ही यह मूर्त रूप में आ जाएगी।
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- Dr.Narottam Mishra (@drnarottammisra) 26 Nov 2021
इस तरह की रहेगी व्यवस्था
भोपाल और इंदौर शहरों में इस व्यवस्था को लागू करने के लिये पृथक-पृथक पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त स्तर के कुल 03 अधिकारी, उपायुक्त स्तर के 08 अधिकारी तथा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त स्तर के 12 अधिकारी तथा सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के 29 अधिकारी पदस्थ किए जाएंगे। अधिसूचना जिस दिन निकलेगी, उसी दिन पोस्टिंग हो जाएगी। इसे न तो कैबिनेट में लाने की जरूरत है और न ही विधानसभा में ले जाने की जरूरत है।
नगर निगम सीमा और देहात के थाने भी आएंगे
दोनों ही महानगरों में 5-5 नोटिफिकेशन जारी करेंगे यानी कुल 10 नोटिफिकेशन जारी कर पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लागू करेंगे। विधि विभाग के परिमार्जन और वित्त विभाग की अनुमति मिलते ही इंदौर और भोपाल में कमिश्नर प्रणाली को लागू कर दिया जाएगा। पुलिस आयुक्त प्रणाली के अंतर्गत इन दोनों ही शहरों के नगर निगम सीमा में आने वाले सभी थाने आएंगे। ऐसे ग्रामीण थाने, जिनमें आधा शहर और आधा ग्रामीण इलाका है, वह भी इसके अंतर्गत ही रहेंगे।
विरोध भी शुरू हो गया
इंदौर और भोपाल में पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर विरोध भी तेज हो गया है। मध्य प्रदेश के आईएएस एसोसिएशन के साथ ही मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा संघ और तहसीलदारों-नायब तहसीलदारों के संगठन राजस्व अधिकारी संघ ने भी इस प्रस्ताव को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। प्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह भी कह चुके हैं कि अगर यह व्यवस्था अच्छे नतीजे देने में नाकाम रही तो इस व्यवस्था को बदल जाएगा। वहीं, अगर व्यवस्था के अच्छे नतीजे आए तो अन्य शहरों में भी इसे लागू किया जा सकता है।