पति के कोरोना वैक्सीनेशन न कराने से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता परेशान
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इंदौर में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने पति के कोरोना वैक्सीनेशन न कराने से परेशान हैं, जिसके चलते कार्यकर्ता ने एडीएम से कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को घर से निकलते समय अनिवार्य करने की मांग की।
इंदौर के पलसीकर में रहने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता निशा ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि एडीएम सर... मैं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हूं। कोविड काल से लोगों को समझा रही हूं कि वैक्सीन जरूरी है लेकिन परेशान हूं, क्योंकि मेरे पति संजय ने ही अब तक एक भी कोविड टीका नहीं लगवाया है। हमारे सभी घर वाले परेशान हैं। एकमात्र मेरे पति ही हैं, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने एडीएम राजेश राठौड़ को जानकारी दी की उनकी 80 साल की सास ने भी कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए हैं, लेकिन पति संजय घर वालों के दवाब के बावजूद वैक्सीनेशन कराने के लिए तैयार नहीं हैं। मेरी सास ने जब उन्हें टीकाकरण के लिए कहा तो उन्होंने मारपीट कर उन्हें भगा दिया, जिसके चलते मेरी सास को अपने रिश्तेदार के यहां महाराष्ट्र जाना पड़ा। मेरे बच्चों को वैक्सीन लग चुकी है। मैं हर दिन लोगों को वैक्सीनेशन के बारे में समझाती हूं और लोगों को वैक्सीन लगाती हूं लेकिन अपने पति को नहीं समझा पा रही हूं, जब भी वैक्सीन लगाने के लिए कहती हूं मेरे पति मेरे साथ गाली गलौच करते हैं। इसलिए मेरी आपसे मांग है कि घर से बाहर निकलते समय वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट साथ लेकर निकलने का नियम बना दें।