मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जान कर आप भी दातों तले उंगलियां दबा लेंगे। एक युवती के ससुराल वालों ने उसे चरित्र पर सवाल उठाया और फिर उसे अग्निपरीक्षा देने को कहा।
स्थानीय अखबारों में छपी खबर के मुताबिक युवती ने इससे इंकार किया तो उसके परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया गया। न्याय पाने की आस में युवती कोर्ट पहुंची जहां कोर्ट ने युवती के पति और सास समेत चार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया।
खबर के मुताबिक पूनम की शादी 13 सितंबर 2007 में कुणाल से हुई थी। वह मुबंई में काम करता था। 2008 में पूनम ने मुंबई पुलिस ने ससुरालवालों के खिलाफ दहेज का मामला दर्ज कराया था। 2011 में उसके ससुराल वाले भी इंदौर आकर रहने लगे।
पूनम की शिकायत पर छत्रीपुरा में दहेज का केस दर्ज किया गया। इसके बाद ससुराल वालों ने उसके चरित्र पर सवाल करने शुरू किए और उससे अग्निपरीक्षा देने को कहा। पूनम के परिवार ने इससे इंकार कर दिया और कहा कि ये चरित्र साबित करने के लिए ज़रूरी नहीं।
ये पूरी जानकारी पूनम ने अपने परिवाद में बताई है जो उसने कोर्ट में पेश किया। इस परिवाद पर न्यायिक मजिस्ट्रेट रेखा आर चंद्रवंशी ने मंगलवार को आदेश दिया। अब अगली सुनवाई तीन सितंबर को होगी।