मप्र मूक बधिर पुलिस सहायता केंद्र इंदौर
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दिल्ली से भागकर मूक-बधिर युवती इंदौर पहुंची। यहां ऑटो वाले की मदद से मूक-बधिर केंद्र पहुंची, जहां उसकी काउंसलिंग की गई। इस दौरान युवती ने बताया कि घरवाले उसकी शादी एक सामान्य लड़के से करना चाहते थे इसलिए वह घर से भाग आई, क्योंकि सामान्य लड़का उसकी बात नहीं समझ सकता।
जानकारी के मुताबिक 4 नवंबर को युवती दिल्ली स्थित अपने घर से भागी थी। घरवाले उसकी शादी सामान्य युवक से कर रहे थे जो उसे मंजूर नहीं था। उसकी शादी की पत्रिका भी बंट गई थी। जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो वह घर से भागकर इंडिया गेट पहुंची। यहां किसी की मदद से पता लगाया कि इंदौर में मूक-बधिर केंद्र है। इस पर वह ट्रेन में बैठकर इंदौर पहुंच गई। स्टेशन से बाहर निकलकर उसे केंद्र पर जाने की चिंता थी। उसने ऑटो रिक्शा किया। ऑटो वाला उसके इशारों को समझ नहीं पा रहा था। इस पर उसने गूगल सर्च करके बताया कि कहां जाना है। बाद में ऑटो वाले को आनंद सर्विस सोसायटी का नंबर मिला और पुरोहित दंपति से संपर्क हुआ। इसके बाद युवती को उनके पास ले गया।
मूक-बधिर युवक से करना चाहती है शादी
मूक-बधिर केंद्र में करीब दो घंटे तक युवती की काउंसलिंग की गई। युवती ने इशारों में बताया कि उसकी उम्र 18 साल है। वह दिल्ली में रहती है। उसका सपना है कि मूक-बधिर युवक से उसकी शादी हो ताकि दोनों एक-दूसरे को समझ सकें, लेकिन घरवालों ने सामान्य युवक से शादी तय कर दी। इसके कार्ड भी बांट दिए हैं। इस कारण वह घर से भागकर इंदौर आ गई। वह घर नहीं जाना चाहती।
युवती ने यह भी बताया कि वह चार दिन से भूखी है। इस पर उसे खाना भी खिलाया गया। बाद में मूक-बधिर पुलिस सहायता केंद्र लेकर गए। यहां युवती के बताए पते पर परिजनों से संपर्क किया। आरके पुरम थानांतर्गत युवती के घरवाले रहते हैं। वहां से पता चला कि युवती के घरवालों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई है। युवती को महिला थाने में रखा है।
मेरी उम्र 18 साल है, अभी और पढ़ना चाहती हूं
युवती ने यह भी बताया कि वह कक्षा 12वीं में है। घर से भागने के करीब 40 दिन तक वह दिल्ली में ही अलग-अलग जगहों पर भटकती रही। कुछ दिन पहले इंडिया गेट पहुंची तो इंदौर के मूक-बधिर केंद्र के बारे में पता चला। इस पर यहां आने के लिए ट्रेन में बैठ गई। युवती ने हाल ही में सरकार के उस प्रस्ताव के बारे में भी बताया जिसमें कहा है कि लड़कियों की शादी 21 साल की उम्र में करने पर विचार किया जा रहा है। इस पर युवती बोली कि उसकी उम्र अभी 18 साल है। वह पढ़ना चाहती है। घर में केवल पिता हैं। मां और बड़ी बहन का निधन हो चुका है। पुलिस सहायता केंद्र अब युवती के पिता के इंदौर पहुंचने पर काउंसलिंग करेगा और उन्हें समझाएगा।