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सिंहस्थ में बोले भागवत, विश्व निर्माण का मॉडल देगा भारत

Thu, 12 May 2016 11:24 PM IST
राजेश चतुर्वेदी/ अमर उजाला, भोपाल
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सिंहस्थ में मोहन भागवत - फोटो : PTI
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि व्यवस्था समतायुक्त और शोषणमुक्त होनी चाहिए। संघ प्रमुख ने कहा कि हमारी सनातन रचना सत्य को जान चुकी है। आज के युग में विज्ञान के साथ समन्वय कर विश्व की रचना कैसे हो, इसका मॉडल भारत देगा। भागवत बृहस्पतिवार को उज्जैन में शुरू हुए तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विचार महाकुंभ के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।
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भागवत ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा के मुताबिक सारे जीव सृष्टि की संतानें हैं। आज दुनिया में विविधता को स्वीकार किया जा रहा है। संघर्ष के बजाय अब समन्वय की ओर जाना पड़ेगा। सनातन परंपरा में इन सत्यों की बहुत पहले से जानकारी है। आज के परिप्रेक्ष्य में हमें सनातन मूल्यों के प्रकाश में विज्ञान के साथ जाना होगा। आज की समस्याओं का समाधान विज्ञान और आध्यात्म दोनों के समन्वय से करना होगा।  
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समझाया, क्यों है भारत हमारी माता

लखनऊ में संघ प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
मोहन भागवत ने संकेतों में भारत माता को लेकर उठे विवाद पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने विवाद का जिक्र किए बिना कहा, जैसे जन्मदाता हमारी मां होती है, वैसे ही भारत माता है। यह हमारी मातृ भूमि है। इससे हमें संस्कार और संस्कृति मिली। अन्न, जल  वगैरह तमाम पोषण मिला।

सुरक्षित व समृद्ध भूमि मिली। यह इतनी प्रचंड भूमि है कि सारे संप्रदायों को समेट लेती है। सबको बसा लेती है। संस्कृति देने वाली माता है। सनातन परंपरा में तो सृष्टि भी माता है। हम सृष्टि की ही तो संतान हैं।
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