राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि समाज में अव्यवस्था और अशांति से बचने के लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर काम करना चाहिए। मुखर्जी ने कहा कि भारत की आबादी 130 करोड़ है। इसकी आधी आबादी 25 साल से कम उम्र की है। 15 से 59 साल के कामकाजी लोगों का प्रतिशत 62 है।
अगर आप इन संख्याओं को दिमाग में रखते हैं और सोचते हैं कि अगर इतनी बड़ी आबादी को एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए कमाई के मौके न मिले तो क्या होगा। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के कौशल प्रशिक्षण केंद्र के वार्षिक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कृषि क्षेत्र में स्थिरता आ गई है और वह बहुत कम लोगों को रोजगार दे सकता है। उन्होंने कहा कि ये कामकाजी लोग हमारे लिए एक संपत्ति साबित हो सकते हैं लेकिन यदि हम उन्हें रोजगार के अवसर नहीं मुहैया करवाएंगे तो क्या होगा।
एक अव्यवस्था पनपेगी। कुंठा पैदा होगी। समस्याएं और व्यवधान पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि देश में 36 हजार से अधिक कॉलेज हैं जहां से हर साल लाखों छात्र पढ़कर निकलते हैं, लेकिन इनमें से एक बड़ी संख्या बेरोजगारों की होती है।