फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्राओं से अभद्रता पर हंगामा, शिक्षक ने हाथ जोड़कर और कान पकड़कर मांगी माफी

Sat, 19 Oct 2019 10:02 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

  • मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा का मामला
  • शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में हंगामा
  • परिजनों ने शिक्षक पर लगाया अपशब्द कहने को आरोप
  • शिक्षक ने सभी आरोप नकारे, फिर भी मांगी माफी
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा के स्कूल में छात्राओं से अभद्रता का मामला सामने आया है। इसे लेकर छात्राओं के अभिभावकों ने जब हंगामा काटा तो अभद्रता करने के आरोपी शिक्षक को हाथ जोड़कर और कान पकड़कर माफी मांगनी पड़ी। तब जाकर नाराज अभिभावक शांत हुए।

विज्ञापन


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय के एक शिक्षक पर कुछ छात्राओं ने अपशब्द कहने और बैंच पर खड़ा करने जैसे आरोप लगाए थे। इसी बात को लेकर छात्राओं के पालकों ने स्कूल में करीब एक घंटे हंगामा किया। वहीं शिक्षक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है।

हालांकि हंगामे के चलते अंत में शिक्षक को हाथ जोड़कर और कान पकड़कर माफी मांगी पड़ी, तब जाकर पालक शांत हुए। कक्षा छठी की 5-6 छात्राओं के परिजन सुबह 10.30 बजे स्कूल पहुंचे थे।
विज्ञापन


परिजनों का आरोप था कि शिक्षक खूमसिंह मेहता बच्चियों को बैंच पर खड़ा करते हैं और प्रताड़ित करते हैं। अपशब्द कहते हैं। शिक्षक ने आरोपों को निराधार बताते हुए मामला शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन परिजन नहीं माने और शिक्षक के निलंबन की मांग के साथ पुलिस से शिकायत करने की बात कहने लगे।

दरअसल, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत स्कूल में विद्यार्थियों को किसी भी तरह से प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। स्कूल की प्रधान पाठक व अन्य शिक्षकों ने परिजनों को समझाया। इसके बाद अंत में शिक्षक मेहता ने हाथ जोड़कर परिजनों से माफी मांगी।

विज्ञापन

आठवीं की छात्राओं ने बताई अलग बात

इस पूरे हंगामे के बीच पास में ही आठवीं कक्षा में बैठी छात्राएं रोने लगीं। जब उन छात्राओं से इसका कारण पूछा गया तो उनका कहना था कि उनके सर बहुत अच्छे हैं वे ऐसा नहीं कर सकते।

क्या कहते हैं शिक्षक खूमसिंह मेहता
मुझ पर लगाए आरोप गलत हैं। 34 साल हो गए पढ़ाते हुए। अभी तक किसी छात्रा ने इस तरह के आरोप नहीं लगाए। मैंने कभी भी बच्चों को अपशब्द नहीं कहे न प्रताड़ित किया।

मामले में बीईओ लोकेंद्र सोहनी का कहना है कि मैं शहर से बाहर था। इसलिए मुझे मामले की जानकारी नहीं है। अभी तक इस तरह की घटना सामने नहीं आई है। इस बारे में जानकारी लूंगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें