इस पूरे हंगामे के बीच पास में ही आठवीं कक्षा में बैठी छात्राएं रोने लगीं। जब उन छात्राओं से इसका कारण पूछा गया तो उनका कहना था कि उनके सर बहुत अच्छे हैं वे ऐसा नहीं कर सकते।
क्या कहते हैं शिक्षक खूमसिंह मेहता
मुझ पर लगाए आरोप गलत हैं। 34 साल हो गए पढ़ाते हुए। अभी तक किसी छात्रा ने इस तरह के आरोप नहीं लगाए। मैंने कभी भी बच्चों को अपशब्द नहीं कहे न प्रताड़ित किया।
मामले में बीईओ लोकेंद्र सोहनी का कहना है कि मैं शहर से बाहर था। इसलिए मुझे मामले की जानकारी नहीं है। अभी तक इस तरह की घटना सामने नहीं आई है। इस बारे में जानकारी लूंगा।