मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के मंत्री और आदिवासी नेता विजय शाह के बड़े भाई अजय शाह अपने बेटे अभिजीत शाह सहित कांग्रेस में शामिल हो गए। अब तक बैंक की नौकरी करते रहे अजय शाह बैतूल से लोकसभा का टिकट मांग रहे थे। अजय शाह ने कहा कि होली के मौके पर उन्होंने भाजपा नाम की बुराई को स्वाहा कर दिया है और बिना शर्त कांग्रेस में आए हैं।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि अजय शाह को कांग्रेस का टिकट मिल सकता है। भाजपा के शीर्ष नेता इस मुद्दे पर मंत्री विजय शाह से खफा है। माना जा रहा है कि यह शाह परिवार के दबाव की राजनीति का नतीजा है। अपने तीन प्रमुख नेताओं को खो चुकी कांग्रेस इसे बड़ी सफलता मान रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि अजय शाह कभी भाजपा के सदस्य नहीं रहे।
नगरीय निकाय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में कहा कि अजय शाह के कांग्रेस में शामिल होने से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि वे कभी भाजपा के एक रुपए के भी सदस्य नहीं थे। मंत्री विजय शाह खुद अपनी तरफ से सफाई देने भाजपा मुख्यालय पर गए थे, लेकिन संगठन मंत्री अरविंद मेनन ने उनसे मुलाकात करने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस का मनोबल बढ़ा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने कहा है कि अभी भाजपा से और भी नेता आएंगे। इस मौके पर अरुण यादव ने कहा, सौ सुनार की एक लुहार की। कांग्रेस के नेता यह मान रहे हैं कि अजय शाह को कांग्रेस में लाने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में मदद मिलेगी, क्योंकि वह भाजपा सरकार के मंत्री के भाई हैं।
कांग्रेस को हाल ही में उस समय बड़ा झटका लगा था जब उसके भिंड से लोकसभा के उम्मीदवार भागीरथ प्रसाद ने टिकट मिल जाने के बाद पार्टी बदल ली और उन्हें भाजपा ने बाद में भिंड से ही अपना उम्मीदवार बना दिया।
इसी तरह होशंगाबाद से कांग्रेस के सांसद उदय प्रताप सिंह भी विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए थे। उन्हें भी भाजपा ने होशंगाबाद से उम्मीदवार बनाया है।
विधानसभा में कांग्रेस के उपनेता चौधरी राकेश सिंह विधानसभा चुनावों के पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए थे। उनके भाई मुकेश चतुर्वेदी अब भाजपा के टिकट पर विधायक हैं। कांग्रेस नेतृत्व इन घटनाओं से परेशान था, क्योंकि इससे कांग्रेस की स्थिति को लेकर गलत संदेश जा रहा था।
विजय शाह की मुश्किलें बढ़ीं
हालांकि अजय शाह भारतीय जनता पार्टी के सक्त्रिस्य नेता नहीं थे, लेकिन उनके जाने से भाजपा अपमानित महसूस कर रही है। विजय शाह को भाजपा के हलकों में अविश्वसनीय माना जाता रहा है।
हरसूद से विधायक विजय शाह को उस समय शिवराज मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था, जब उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह के बारे में विवादास्पद बातें एक सभा में कर दी थीं।
विजय शाह ने कहा था कि भाभीजी भाई साहब के साथ तो आप हमेशा जाती रहती हैं, कभी हमारे साथ भी तो चलिए। यह वीडियो उस समय काफी चर्चित हुआ था। जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे, तब भी विजय शाह उनके संपर्क में रहे थे। भाजपा के हलकों में यह मानने वालों की कमी नहीं है कि अजय शाह के कांग्रेस में जाने के मसले को विजय शाह ने ही हवा दी है।