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इंदौर: कंप्यूटर बाबा को महंगी गाड़ी मुहैया कराने वाले हिस्ट्रीशीटर के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

Tue, 17 Nov 2020 02:43 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, इंदौर
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कंप्यूटर बाबा को गाड़ी दिलावने वाले के अवैध निर्माण ढहाए गए - फोटो : ANI
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जेल में बंद कंप्यूटर बाबा को महंगी चारपहिया गाड़ी मुहैया कराने वाले एक हिस्ट्रीशीटर पर शिकंजा कसते हुए प्रशासन ने मंगलवार को इंदौर में उसके अवैध निर्माण ढहा दिए और अतिक्रमण हटा दिया। इस मुहिम को करीब 15,000 वर्ग फुट के कुल क्षेत्रफल में अंजाम दिया गया।

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अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) अजयदेव शर्मा ने संवाददाताओं को बताया, जब हमने आठ नवंबर को जम्बूर्डी हप्सी गांव में नामदेव दास त्यागी (कंप्यूटर बाबा का असली नाम) का अवैध आश्रम ढहाया था, तब हमने वहां से एक एसयूवी जब्त की थी। 


उन्होंने बताया, हमें पता चला है कि त्यागी इस महंगी गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। हालांकि, यह गाड़ी परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में उस रमेश तोमर के नाम पर दर्ज है जिसके खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जबरन वसूली, मारपीट और अन्य आरोपों में कुल 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 
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शर्मा ने बताया कि तोमर के खिलाफ जांच में पता चला कि उसने इंदौर नगर निगम (आईएमसी) की अनुमति के बगैर मूसाखेड़ी क्षेत्र में कुछ मकान बनवाए हैं। पुलिस बल की मौजूदगी में इन अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया।

उन्होंने बताया कि तोमर ने इसी क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन की मंजूरी के बगैर एक भूखंड को तीन मोबाइल टॉवर लगाने के लिए दूरसंचार कंपनियों को किराए पर दे दिया था। अवैध तौर पर खड़े किए गए इन टॉवरों को हटवाया जा रहा है।

इस बीच, आईएमसी के भवन निरीक्षक नागेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि तोमर के अवैध निर्माण व अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की मुहिम करीब 15,000 वर्ग फुट के कुल क्षेत्रफल में चली। इनमें चार पक्के निर्माण और दो खाली भूखंड शामिल हैं। उन्होंने बताया, तोमर ने बगीचे की सरकारी जमीन पर भी अवैध कब्जा कर रखा था जिसे हमने हटा दिया। 

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अधिकारियों ने बताया कि पुलिस और प्रशासन के दल ने इंदौर शहर से सटे जम्बूर्डी हप्सी गांव में सरकारी जमीन पर बने कंप्यूटर बाबा के कथित रूप से अवैध आश्रम को आठ नवंबर को ढहा दिया था। इसके साथ ही, भाजपा और कांग्रेस की पिछली सरकारों में राज्य मंत्री के दर्जे से नवाजे गए 54 वर्षीय धार्मिक नेता को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 151 (संज्ञेय अपराध घटित होने से रोकने के लिए की जाने एहतियातन गिरफ्तारी) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के बाद कंप्यूटर बाबा के खिलाफ गांधी नगर और एयरोड्रोम क्षेत्रों के पुलिस थानों में दो आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए थे। ये मामले अलग-अलग समय पर दो लोगों से गाली-गलौज, मारपीट और हमले के प्रयास के आरोपों पर आधारित हैं जिनके पीड़ितों में अनुसूचित जाति वर्ग का एक ग्राम पंचायत सचिव शामिल है।

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