ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो के विज्ञापन को महाकाल से जोड़ने पर विवाद खड़ा हुआ है। महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों द्वारा विज्ञापन पर बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन को लेकर आपत्ति जताए जाने के एक दिन बाद राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए है।
मिश्रा ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा विज्ञापन वीडियो मॉर्फ्ड लगता है। उन्होंने कहा कि उज्जैन के पुलिस अधीक्षक को वीडियो की वास्तविकता देखने के बाद रिपोर्ट मांगी गई है। ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
मंदिर के दो पुजारियों ने शनिवार को जोमैटो से हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का दावा करते हुए विज्ञापन वापस लेने की मांग की थी। मंदिर के पुजारी महेश और आशीष का कहना है कि जोमैटो को तुरंत विज्ञापन वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि भक्तों को थाली में 'प्रसाद' दिया जाता है और विज्ञापन हिंदुओं की भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने कहा कि उज्जैन के कलेक्टर आशीष सिंह से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। कलेक्टर महाकाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। कलेक्टर ने शनिवार को विज्ञापन को 'भ्रामक' करार देते हुए कहा कि मंदिर में मुफ्त भोजन 'प्रसाद' के रूप में दिया जाता है और उसे बेचा नहीं जाता है।
यह है विवाद
ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो के एड को महाकाल से जोड़ने पर विवाद हो गया है। कंपनी का ये एड एक्टर ऋतिक रोशन ने किया है। इसमें वे कह रहे हैं, थाली का मन किया। उज्जैन में हैं, तो महाकाल से मंगा लिया। महाकाल मंदिर के पुजारियों ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। पुजारी आशीष का कहना है कि यहां आने वाले भक्तों को थाली में भोजन दिया जाता है। लेकिन किसी के मंगाने पर डिलीवरी नहीं की जाती है। जोमैटो कंपनी नॉनवेज खाना की भी डिलीवरी करती है। ऐसे में कंपनी को विज्ञापन बंद कर मांफी मांगनी चाहिए।