मध्य प्रदेश में मानसून के दस्तक देते ही कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। राजधानी भोपाल की निचली बस्तियों के घरों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों को निकालने में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, भोपाल के मेयर आलोक शर्मा पानी भरे सड़क पर ही कुर्सी लगाकर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि वो यहीं से शहर के अलग-अलग इलाकों में जलभराव की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा 'सभी एजेंसियों को आपस में तालमेल बिठाकर काम करना चाहिए। मैंने जिले के कलेक्टर को भी वर्तमान स्थिति को देखने के लिए बुलाया है ताकि इसे दोहराया न जाए।
बता दें कि राज्य के उज्जैन, भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में तेज बारिश हो रही है। इंदौर में बुधवार रात करीब 12:30 बजे से तेज बारिश शुरू हुई, जो आज तड़के तक जारी रही। बारिश के चलते कई निचले इलाकों में पानी भर गया। बारिश की रफ्तार इतनी तेज थी की कुछ दूर की वस्तुएं तक नहीं दिखाई दे रही थीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इस मौसम की सबसे तेज बारिश थी। बारिश के चलते कई इलाकों में पानी भरने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार सुबह भी बूंदीबांदी जारी रही। वाहनों को निकलने में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, बच्चों को भी स्कूल जाने में काफी परेशानी हुई। बारिश के चलते रायसेन -सांची मार्ग बंद हो गया। शाजापुर में तेज बारिश से राष्ट्रीय राजमार्ग-3 के नए पुल की एप्रोच रोड बह गई। इसके चलते शाजापुर के पास सनकोटा से लेकर कनारदी जोड़ तक 15 किमी. के हिस्से में करीब ढाई हजार वाहन पांच घंटे तक फंसे रहे। खरगोन में रातभर पानी गिरने से भीकनगांव-झिरन्या रोड बंद हो गया। आभापुरी के पास जामरदा पुलिया का एप्रोच रोड बहने से आवागमन ठप हो गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।