मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और खुद प्रदेश में दिन प्रतिदिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हर दिन लगभग 2,500 नए मामले सामने आ रहे हैं। लॉकडाउन के बाद अनलॉक के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ी है, इसलिए इस दौरान केवल मास्क पहनना ही जरूरी नहीं है बल्कि सही मास्क पहनना जरूरी है।
सही मास्क का उपयोग ही कोरोना वायरस के संक्रमण से आपको बचा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यक्ति को तीन लेयर वाला मास्क पहनना चाहिए। इसके लिए फैब्रिक का बना मास्क ठीक रहेगा लेकिन वो मास्क कम से कम तीन लेयर का बना होना चाहिए। मौजूदा समय में गमछा और रुमाल लगाने से कोरोना का बचाव नहीं हो सकेगा।
देश का स्वास्थ्य मंत्रालय कहता है कि कोरोना से बचाव के लिए कम से कम तीन परत वाला मास्क तो अवश्य पहनें। वहीं मास्क के अंदर वाले भाग को हाथ ना लगाएं, बस कान के पास वाले हिस्से की मदद से ही मास्क को पहनें और उतारें।
फैब्रिक मास्क का इस्तेमाल बेहतर
विशेषज्ञों के मुताबिक आम जनता को कोरोना से बचने के लिए फैब्रिक मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। इस मास्क में कम से कम तीन परत होनी चाहिए। मास्क में सूत का अस्तर, पोलिएस्टर की बाहरी परत और बीच में पोलीप्रोपायलीन का फिल्टर होना चाहिए। लेकिन अगर कोई बीमार है तो उसे मेडिकल ग्रेड का ही मास्क पहनना चाहिए।
इसके अलावा अगर फैब्रिक का मास्क नम या गीला हो जाता है तो उसे तुरतं बदल देना चाहिए क्योंकि नम और गीलेपन की वजह से संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ सकता है।
मास्क कहां पहनें और कहां नहीं?
- डॉक्टरों की माने तो घर पर मास्क पहनने की जरूरत नहीं है, अगर कोई बीमार है तो मास्क जरूर पहन सकते हैं।
- कार के अंदर भी मास्क पहनने की जरूरत नहीं है लेकिन बाहर आते ही मास्क पहनना अनिवार्य है।
- डब्ल्यूएचओ के मुताबिक ऐसी जगह पर मास्क जरूर पहनें, जहां ज्यादा संक्रमण हो। इसमें सार्वजनिक जगह, बसें, दुकानें और दूसरी भीड़भाड़ वाली जगह शामिल हैं।
- मास्क उतारने के बाद बाहरी परत को ना छूएं बल्कि काम के पास वाले हिस्से से पकड़कर उतारें और डिस्पोज करें। साबून से हाथ जरूर धोएं।
केवल चार घंटे के लिए पहनें सर्जिकल मास्क
विशेषज्ञों का कहना है कि बीमार लोगों को साइड ओपनिंग मास्क नहीं पहनना चाहिए। ऐसा करने पर दूसरों को संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. पांडेय ने बताया कि आम लोगों के लिए तीन लेयर वाला मास्क ठीक है लेकिन सर्जिकल मास्क चार घंटे से ज्यादा ना पहनें।