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हरदा: सीएम मोहन यादव का ग्रामीणों को तोहफा, लाभार्थियों को सौंपे स्वामित्व योजना के रजिस्ट्री दस्तावेज

Sat, 10 Oct 2026 10:40 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा

सार

ग्रामीणों को जमीन का कानूनी मालिकाना हक दिलाने की दिशा में स्वामित्व योजना के तहत सीएम ने हरदा में 10 हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रमाण पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को रजिस्ट्री निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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हरदा में रजिस्ट्री दस्तावेज सौंपते सीएम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामित्व अधिकार अभिलेख हस्तांतरण योजना के अंतर्गत दस हितग्राहियों को उनकी भूमि के मालिकाना हक के रजिस्ट्री प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने 9 अक्तूबर को वर्ष 2026 के पात्र ग्रामीणों को स्वामित्व दस्तावेज सौंपकर उनके आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

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ग्राम गोंदागांव के ग्रामीण निर्भयदास और भैयालाल सहित कुल 10 लाभार्थियों को ये प्रमाण पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण को उसकी भूमि का वैध अधिकार प्रदान करना है। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलने के साथ-साथ आर्थिक मजबूती भी मिल रही है। संपत्ति का औपचारिक पंजीकरण होने से उसकी बाजार कीमत बढ़ेगी और ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उठाने में सुगमता होगी।

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भू-स्वामित्व से आर्थिक मजबूती
रजिस्ट्री प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भूमि का विधिवत मालिकाना हक मिलने से अब बैंकों से ऋण लेना आसान हो जाएगा। इसके अतिरिक्त वे अपनी जमीन पर बिना किसी भय के निर्माण तथा अन्य विकास कार्य कर सकेंगे। लाभार्थियों ने राज्य सरकार की इस योजना की सराहना की।
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अधिकारियों भी दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर को भू-स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री निष्पादन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटवारी राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में निष्पादन अधिकारी घोषित हैं, इसलिए शासकीय कार्य निष्पादन में किसी के भी विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री का निष्पादन पूरी तरह से अधिकार अभिलेख में उल्लिखित जानकारी के आधार पर ही किया जा रहा है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति के स्वामित्व का निर्धारण अथवा नई जानकारी का सृजन नहीं किया जा रहा है।

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