हमीदिया हॉस्पिटल में आग लगने के मामले में मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेत्री उमा भारती ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर हादसे पर दुख प्रकट किया। साथ ही कहा कि मृतक शिशुओं के माता-पिता एवं परिवार के प्रति मेरी अत्यधिक संवेदना है। यद्यपि उनके दुखों की भरपाई नहीं हो सकती, परंतु अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कारवाई से राजधर्म पालन होगा।
उमा भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल के अंतर्गत कमला नेहरू अस्पताल के नवजात शिशु वार्ड में हुए हादसे में नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत हुई है। इसे भुलाया नहीं जा सकता। इस हादसे ने अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं। इसमें जिन्होंने भी लापरवाही की हैं, उन्हें अतिशीघ्र कठोरतम दंड मिलना चाहिए। मेरी आज (मंगलवार) सुबह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात हुई हैं। वे भी इस घटना से बहुत दुखी हैं।
उन्होंने सवाल किया कि कमला नेहरू अस्पताल के नवजात शिशु वार्ड का फायर ऑडिट कब से नहीं हुआ? उसके मेंटेनेंस और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी किसकी थी? इसे कब और कितना बजट मिला है? सारे तथ्यों की जांच कर अपराधियों को तुरंत कठोरतम दंड मिलना चाहिए।
उच्चस्तरीय जांच के आदेश
भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल परिसर में स्थित कमला नेहरू गैस राहत हॉस्पिटल में सोमवार रात करीब 9 बजे आग लगी थी। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बच्चा वार्ड के एसएनसीयू में 40 बच्चे भर्ती थे, जहां आग से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से होने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम के लिए 7 बच्चों के शव लाए गए हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चार बच्चों की मौत हुई है। एक दर्जन से अधिक नवजात झुलस गए हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है।