फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamidia Hospital Fire News: उमा भारती ने उठाए फायर सेफ्टी पर सवाल, कहा- अपराधियों पर कार्रवाई से होगा राजधर्म का पालन

Tue, 09 Nov 2021 02:40 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Bhopal Hospital Fire: हमीदिया हॉस्पिटल हादसे में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। साथ ही शिवराज को नसीहत भी दी कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई से होगा राजधर्म का पालन। 
विज्ञापन
उमा भारती (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हमीदिया हॉस्पिटल में आग लगने के मामले में मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेत्री उमा भारती ने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर हादसे पर दुख प्रकट किया। साथ ही कहा कि मृतक शिशुओं के माता-पिता एवं परिवार के प्रति मेरी अत्यधिक संवेदना है। यद्यपि उनके दुखों की भरपाई नहीं हो सकती, परंतु अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कारवाई से राजधर्म पालन होगा। 
विज्ञापन


उमा भारती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल के अंतर्गत कमला नेहरू अस्पताल के नवजात शिशु वार्ड में हुए हादसे में नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत हुई है। इसे भुलाया नहीं जा सकता। इस हादसे ने अनेक सवाल खड़े कर दिए हैं। इसमें जिन्होंने भी लापरवाही की हैं, उन्हें अतिशीघ्र कठोरतम दंड मिलना चाहिए। मेरी आज (मंगलवार) सुबह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात हुई हैं। वे भी इस घटना से बहुत दुखी हैं।

उन्होंने सवाल किया कि कमला नेहरू अस्पताल के नवजात शिशु वार्ड का फायर ऑडिट कब से नहीं हुआ? उसके मेंटेनेंस और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी किसकी थी? इसे कब और कितना बजट मिला है? सारे तथ्यों की जांच कर अपराधियों को तुरंत कठोरतम दंड मिलना चाहिए। 
विज्ञापन


उच्चस्तरीय जांच के आदेश
भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल परिसर में स्थित कमला नेहरू गैस राहत हॉस्पिटल में सोमवार रात करीब 9 बजे आग लगी थी। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बच्चा वार्ड के एसएनसीयू में 40 बच्चे भर्ती थे, जहां आग से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से होने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम के लिए 7 बच्चों के शव लाए गए हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चार बच्चों की मौत हुई है। एक दर्जन से अधिक नवजात झुलस गए हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें