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Gwalior News: वन विभाग के ऑफिस में सरकारी दस्तावेजों की चोरी; साल 2016 से 2022 तक का राजस्व रिकॉर्ड हुआ गायब

Tue, 31 Oct 2023 06:44 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

Gwalior News: डीएफओ के अधिकारियों का मानना है कि इस पूरी चोरी की घटना में विभाग का कोई कर्मचारी शामिल हो सकता है। इसको लेकर भी विभागीय स्तर की जांच चल रही है। दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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ग्वालियर वन विभाग के ऑफिस से अहम दस्तावेज हुए चोरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश के ग्वालियर के डीएफओ ऑफिस में सरकारी दस्तावेजों की चोरी का मामला सामने आया है। जिले के वन मंडल अधिकारी दफ्तर के व्यय शाखा से जो दस्तावेज चोरी हुए हैं, वह वन विभाग के अहम दस्तावेज हैं। हैरानी की बात तो यह है कि ग्वालियर का डीएफओ ऑफिस शहर के सबसे पॉश इलाके सिटी सेंटर में है। जहां उसके ठीक सामने ग्वालियर के एसपी का कार्यालय है और आसपास बड़े-बड़े सरकारी दफ्तर भी हैं। यह चोरी दफ्तर के पीछे वाले हिस्से से खिड़की काटकर की गई है, जिससे दस्तावेजों से भरे हुए करीब 25 से 30 बंडल चोरी किए गए हैं।

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हालांकि वन विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि यह सभी दस्तावेज पहले से ही ऑडिट एंट्री कर लिए गए थे। बावजूद इसके इनका चोरी होना समझ से परे है। फिर भी घटना की जांच कराई जा रही है। जानकारी ऐसी भी मिली है कि जो दस्तावेज चोरी हुए हैं, उनमें जांच से जुड़ी कई अहम फाइल हैं। उनकी चोरी में विभाग के किसी कर्मचारी के शामिल होने की शंका जताई जा रही है। पुलिस ने घटना को लेकर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

ग्वालियर डीएफओ अंकित पांडे

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वहीं, डीएफओ अंकित पांडे ने बताया कि जो रिकॉर्ड गायब हुए वह साल 2016 से लेकर 2022 तक के हैं। वहीं, पहली बार इतनी ज्यादा संख्या में राजस्व का रिकॉर्ड चोरी होना अधिकारियों को समझ में नहीं आ रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में वन विभाग द्वारा कराए गए कामों के बदले हुए भुगतान के वाउचर हैं। इन्हीं वाउचर के माध्यम से समय-समय पर गड़बड़ी के मामले भी सामने आते रहे हैं। चोरी की घटना के बाद दिन भर वन विभाग के अधिकारी अपने स्तर पर जांच में जुटे हैं।
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वहीं, अधिकारियों का मानना है कि इस पूरी चोरी की घटना में विभाग का कोई कर्मचारी शामिल हो सकता है। इसको लेकर भी विभागीय स्तर की जांच चल रही है। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसपर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।

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