ग्वालियर में चार हत्याओं के मामले में सात आरोपियों को विशेष कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला सात साल पुराना है, जहां दो महिलाओं और दो बच्चियों को मौत के घाट उतारा गया था। पारिवारिक और संपत्ति के विवाद के चलते चार लोगों की हत्या कर उनकी लाशों को ठिकाने लगाया गया था।
मामला 29 फरवरी 2016 को दर्ज हुआ था। अपर लोक अभियोजक घनश्याम मंगल ने बताया कि न्यायालय ने इस मामले में महेश गोस्वामी, दीपक गोस्वामी, देवेंद्र गोस्वामी, विजय उर्फ ब्रजकिशोर गोस्वामी, गंगा बाई, उमा गोस्वामी, सुरभि गोस्वामी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पारिवारिक और संपत्ति विवाद में कथित रूप से हिस्सेदार बनने पर दो महिलाओं और दो बच्चियों की हत्या कर लाशों को जनकगंज और बहोड़ापुर क्षेत्र में फेंका गया था। पुलिस ने 29 फरवरी को इन लाशों को बरामद किया था। पहचान रिंकी गोस्वामी, ईश्वरी देवी, मानवी और चेतना गोस्वामी के रूप में हुई। उन्हें लाठी-डंडों से पीटकर मौत के घाट उतारा गया था।
घर बुलाकर बरसाए थे लाठी-डंडे
मुख्य आरोपी महेश गोस्वामी ने सनशाइन टॉवर वाले मकान में इन चारों को बुलाया था। रात को तेज आवाज में गाने बजाकर आरोपियों ने लाठी-डंडे से उन पर हमला किया गया था। मरने तक उन्हें पीटा गया। जीवाजी गंज में मुन्ना हलवाई की गली में बोरी में बंद महिला की लाश मिली थी। बहोडापुर थाना क्षेत्र के आरआर टावर इलाके में भी महिला की लाश मिली थी। बच्ची की लाश रेलवे फाटक आदर्श मिल रोड पर प्लास्टिक की कट्टी में मिली थी। इनकी पहचान रिंकी, ईश्वरी देवी, मानवी और चेतना गोस्वामी के तौर पर हुई थी। जांच में पता चला कि महेश गोस्वामी के पिता पूरन गोस्वामी के खिलाफ रिंकी की बेटी ने छेड़छाड़ का मुकदमा दायर किया था। जांच में महेश और अन्य आरोपियों को नामजद किया गया। उनके विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश हुआ। कोर्ट ने आरोपियों के विरुद्ध दोष सिद्ध पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। यह सभी एक ही परिवार के लोग हैं।
संपत्ति का विवाद था
दरअसल, महेश का पिता रिंकी का फूफा है। उसने अपने ही फूफा के खिलाफ बेटी के साथ छेड़खानी का मुकदमा किया था। रिंकी अचल संपत्ति में हिस्सा मांग रही थी। महेश इस वजह से रिंकी से रंजिश रखता था। उसने रिंकी, ईश्वरी देवी और बच्चियों मानवी और चेतना को राजीनामे के लिए सनशाइन टॉवर स्थित मकान पर बुलाया था। रात में उनकी नृशंस हत्या कर लाशों को ठिकाने लगा दिया। सूत्रों ने पुलिस को हत्याकांड के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दिए थे। इसके आधार पर महेश और उसके परिवार के लोगों को पकड़ा था।