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MP: प्रदेश का सबसे लंबा डिजिटल अरेस्ट, 26 दिन तक ठगों के चंगुल में रहे स्वामी सुप्रदिप्तानंद, 2.5 करोड़ गंवाए

Wed, 16 Apr 2025 08:55 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

Gwalior Digital Arrest: ग्वालियर के रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव को डिजिटल अरेस्ट कर 2.52 करोड़ रुपए की ठगी की गई। आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद को ठगों ने 26 दिन तक चंगुल में फंसा कर रखा। अब उन्होंने साइबर क्राइम शाखा में केस दर्ज कराया है।
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रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद से ठगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में अब तक के सबसे लंबे चले डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है। ग्वालियर जिले के रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद को 26 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 2.52 करोड़ रुपए की ठगी की गई। अब स्वामी ने इसकी शिकायत साइबर क्राइम शाखा में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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दरअसल, ग्वालियर जिले के थाटीपुर स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद को वीडियो कॉल के माध्यम से 26 दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया गया। इस दौरान उनके साथ 2.52 करोड़ की ठगी की गई। शातिर ठगों ने खुद को नासिक पुलिस का अफसर बताकर कॉल किया और स्वामी को नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसा हुआ बताया। 17 मार्च को आई पहली कॉल के साथ ठगी की शुरुआत हुई, जिसके बाद 26 दिन तक स्वामी सुप्रदिप्तानंद को डिजिटल अरेस्ट कर देशभर के अलग-अलग बैंक खातों में 2.52 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए गए। ठगो ने स्वामी सुप्रदिप्तानंद को झांसा दिया कि 15 अप्रैल तक यह राशि वापस कर दी जाएगी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद 16 अप्रैल को स्वामी सुप्रदिप्तानंद ने ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह से शिकायत की। इसके बाद साइबर क्राइम ब्रांच में केस दर्ज किया गया।  

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पुलिस ने शुरू की जांच 
साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी जनकारी खंगाली जा रही है। इस मामले को मध्यप्रदेश का अब तक का सबसे लंबा डिजिटल अरेस्ट माना जा रहा है। 
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प्रदेश में बढ़ रहे मामले 
बता दें कि मप्र में साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार इसे लेकर जागरूकता फैला रही है, इसके बाद भी लोग लगातार इसका शिकार हो रहे हैं। 26 दिन तक चले इस डिजिटल अरेस्ट के मामले ने एक बार फिर सभी को हैरान कर दिया गया।   

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