आगामी त्योहारों और दिवाली के दृष्टिगत आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ग्वालियर पुलिस ने सोमवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए 645 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित रसायन कैल्शियम कार्बाइड जब्त किया। बहोड़ापुर थाना और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित दो गोदामों पर छापेमारी करके इस अवैध भंडारण का भंडाफोड़ किया। जिला मजिस्ट्रेट के प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन कर बिना किसी वैध लाइसेंस के यह ज्वलनशील रसायन जमा करने के आरोप में पुलिस ने दोनों गोदाम संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामले दर्ज किए हैं।
प्रथम गोदाम पर पुलिस कार्रवाई
पुलिस को सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक गोदाम में भारी मात्रा में खतरनाक रसायन रखा हुआ है। प्रभारी पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक कृष्ण पाल सिंह और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने दबिश दी। टीम ने सबसे पहले राजा स्टील के गोदाम की तलाशी ली। वहां लोहे के छह सीलबंद ड्रमों में रखा हुआ 600 किलोग्राम कैल्शियम कार्बाइड मिला। मौके पर मौजूद शिंदे की छावनी निवासी 35 वर्षीय संचालक रीकेश पसरीजा से जब टीम ने भंडारण का लाइसेंस मांगा, तो वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने तुरंत पूरी सामग्री जब्त करके संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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दूसरे गोदाम से रसायन बरामद
पहली कार्रवाई के ठीक आधा घंटा बाद रात नौ बजे पुलिस टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग संख्या 01 स्थित छारिया हार्डवेयर स्टोर के गोदाम पर छापा मारा। यहां 53 वर्षीय संचालक अनिल कुमार छारिया के पास रखे लोहे के ड्रम से 45 किलोग्राम 310 ग्राम प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड मिला। पूछताछ के दौरान अनिल कुमार भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी कोई वैध लाइसेंस पेश करने में विफल रहा। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक मामला दर्ज करके पूरे प्रतिबंधित रसायन को जब्त कर लिया।
प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन
ग्वालियर के कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने 22 अक्तूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी किया था। इस आदेश के माध्यम से जिला प्रशासन ने क्षेत्र में कैल्शियम कार्बाइड के निर्माण, संग्रहण और क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद दोनों व्यापारी नियमों की अवहेलना करते हुए अवैध रूप से इसका संग्रहण कर रहे थे। रसायन विशेषज्ञों के अनुसार यह पदार्थ नमी या पानी के संपर्क में आते ही अत्यधिक ज्वलनशील और विस्फोटक एसिटिलीन गैस छोड़ता है। त्योहारों के समय भीड़भाड़ वाले इलाके या गोदाम में इसका अवैध भंडारण किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।