पूर्व दस्यु मलखान सिंह ने कांग्रेस के लिए प्रचार शुरू किया है।
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चंबल सहित प्रदेशभर में दहशत फैलाने वाले पूर्व डकैत, दस्यु सम्राट मलखान सिंह अब चंबल के चुनाव में एक्टिव हो चुके हैं। आत्मसमर्पण के बाद राजनीति में एंट्री कर चुके दद्दा मलखान अब तक भाजपा के लिए वोट मांगते थे, लेकिन पार्टी से बगावत कर कांग्रेस के नेता बन गए और अब इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए प्रचार कर रहे हैं।
इन दिनों विधानसभा चुनाव में सबकी निगाहें चंबल पर टिकी हैं, क्योंकि यह क्षेत्र बागियों के लिए बदनाम है। पहले बागी डकैत हुए और फिर राजनीति में भी 2020 में कांग्रेस के बाग़ियों ने एक अलग ही रिकॉर्ड बनाया। लेकिन इस बार कांग्रेस को एक असल बागी का साथ मिल गया है जो अपने समय में एक इशारे पर चुनाव का रुख़ तय कर देता था। वह पूर्व दस्यु दद्दा मलखान सिंह इन दिनों अंचल में कांग्रेस के प्रत्याशियों के लिए जनता से वोट मांग रहे हैं।
'कमलनाथ बनेंगे सीएम'
भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व दस्यु मलखान सिंह का अपनी पूर्व पार्टी के लिए ग़ुस्सा उनकी बातों से साफ़ नज़र आ रहा है। दद्दा मलखान सिंह भिंड की मेहगांव विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी राहुल सिंह भदौरिया के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से भी चर्चा की। उन्होंने इस बार चुनाव के रुख़ में कांग्रेस की एक बार फिर सरकार बनने और कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने का दावा किया।
'भाजपा की हो रही दुर्दशा'
चर्चा के दौरान मलखान सिंह भाजपा पर भी जमकर भड़के। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक बेईमान पार्टी है, भ्रष्टाचारी दल है। यह ग़रीबों की पार्टी नहीं है। जिन बीजेपी नेताओं को दिल्ली में किसी से मिलने का वक्त नहीं मिलता था वो ही आज गांव-गांव चक्कर लगा रहे हैं। आज क्यों गांव की गलियों में ग़रीबों के पास फिर रहे हैं। अब क्या ज़रूरत पड़ रही है उन्हें। सोचिए कैसी दुर्दशा हो रही है बीजेपी की कि इनके बड़े बड़े लीडर गांव गांव में फिर रहे हैं। दद्दा मलखान सिंह का दावा है कि इस बार जनता ने बदलाव का मन बना लिया है और भारतीय जनता पार्टी की गरीब विरोधी नीतियों की वजह से पूरे ग्वालियर चंबल संभाग में एक या दो सीटें भी मिल जाएं तो बहुत होगा। इस बार जनता कांग्रेस के साथ है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं मलखान सिंह
गौरतलब है कि पूर्व दस्यु मलखान सिंह ने 80 के दशक में आत्मसमर्पण कर दिया था और सजा काटकर बाहर आने के बाद राजनीति में एंट्री कर ली थी। वे लंबे समय तक बीजेपी से जुड़े रहे, लेकिन हाल ही में कुछ महीने पहले वे डॉ. गोविंद सिंह के कहने पर भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। उनका कहना है कि वे हमेशा अन्याय के ख़िलाफ़ अपनी आवाज बुलंद करते रहे हैं और आगे भी अपनी आवाज उठाएंगे।