हमारे देश की आन-बान-शान तिरंगा जब लहराता है तो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। उत्तर भारत में ग्वालियर एकमात्र जगह है, जहां राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण होता है। यहां तैयार होने वाले राष्ट्रीय ध्वज देश के कोने-कोने तक जाते हैं और संसद, लाल किला, दूतावास जैसी इमारतों पर लहराते हैं।
ग्वालियर में हमारे राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण करने वाली संस्था मध्य भारत खादी संघ है। यह उत्तर भारत की पहली संस्था है, जहां पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय ध्वज तैयार किए जा रहे हैं। संस्था में तैयार हो रहे राष्ट्रीय ध्वज देश के अलग-अलग कोनों में पहुंचते हैं। यहां के बने तिरंगे सरकारी, गैर सरकारी इमारतों पर शान से लहराए जाते हैं। सबसे खास बात यह है सिर्फ साल 2025 में अभी तक यहां से 50 हजार से अधिक हमारे तिरंगे देश के कोने-कोने में 20 राज्यों में पहुंच चुके हैं। इनकी कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा है। ये देश की यह इकलौती इकलौती संस्था है जहां पर 90 फीसदी महिला कर्मचारी राष्ट्रीय ध्वज का निर्माण कर रही हैं। यहां पर कपड़ा काटने से लेकर उनको तैयार और उनकी टेस्टिंग महिलाएं ही करती हैं।
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